2023-24 में एक बिलियन टन कोयले का उत्पादन करेगा भारत, सरकार ने कसी कमर

नई दिल्ली : कोयला मंत्रालय ने वर्ष 2023-24 के दौरान कोयले के एक बिलियन टन (बीटी) से अधिक के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कोयला सचिव ने सभी कोयला कंपनियों के साथ गहन समीक्षा की है। सीआईएल के लिए 780 मिलियन टन (एमटी), सिंगरेनी कोलियरीज़ कंपनी लिमिटेड के लिए 75 एमटी और कैप्टिव और वाणिज्यिक खानों के लिए 162 एमटी का लक्ष्य निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है। सीआईएल में कुल 290 खानें परिचालन में हैं, जिनमें से 97 खानें प्रति वर्ष एक मिलियन टन से अधिक का उत्पादन करती हैं।

ऐसी सभी 97 कोयला खानों के लिए भूमि अधिग्रहण, वन मंजूरी, पर्यावरण मंजूरी, रेल संपर्क और सड़क संपर्क पर चर्चा की गई और इनके लिए समय-सीमाएं तय की गई है। उल्लेखनीय है कि कोयला कंपनियों के निरंतर प्रयास से 97 कोयला खानों में से 56 खानों के सन्दर्भ में कोई भी मामला लंबित नहीं है। केवल 41 खानों में 61 मुद्दे हैं, जिनके लिए कोयला कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन द्वारा संबंधित राज्य सरकार प्राधिकरणों और केंद्रीय मंत्रालयों के साथ निरंतर समन्वय और निगरानी की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि सीआईएल ने वर्ष 2021-22 के दौरान 622 एमटी का उत्पादन किया है और वर्ष 2022-23 के लिए 16 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज करते हुए अब तक 513 एमटी का उत्पादन किया जा चुका है। उम्मीद है कि सीआईएल चालू वित्त वर्ष के लिए निर्धारित 700 एमटी के लक्ष्य को पार कर जाएगी और तदनुसार वर्ष 2023-24 के लिए 780 एमटी का लक्ष्य हासिल कर लेगी।

एनसीएम में सुनवाई हुई और याचिकाओं का किया गया निपटारा : राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) में पिछले एक महीने में 168 याचिकाएं प्राप्त हुई हैं जिनमें से 73 का निपटारा किया जा चुका है। शेष 95 मामलों में कार्रवाई शुरू कर दी गई है और संबंधित रिपोर्ट मांगी गई हैं। पूरे वर्ष के दौरान 1,895 याचिकाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 1,422 का निपटारा किया जा चुका है।

गत 1.12.2022 से लेकर 17.1.2023 तक राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने 15 सुनवाई की और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द मुद्दों को हल करने के लिए उपयुक्त निर्देश दिए। पूरे वर्ष के दौरान आयोग में 40 सुनवाई हुई।

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