दतिया । जिले भर में लगभग 50 हजार से अधिक चार पहिया वाहन है। इन वाहनों से कितना प्रदूषण फैल रहा है। इसके अलावा वाहन का प्रदूषण मानक स्तर से कम अथवा ज्यादा है। इसे नापने के लिए शहर के पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण मापक यंत्र लगाए जाएंगे। जिला प्रशासन ने सभी पेट्रोल पंप पर इसे लगाया जाना अनिवार्य किया है। इस यूनिट को लगाने में लगभग ढाई से तीन लाख रुपये का खर्च आता है। पेट्रोल पंप संचालक वाहन चालकों के प्रदूषण मापने के बाद जो प्रमाणपत्र देंगे, उसका शुल्क ले सकेंगे। इसके लिए प्रशिक्षित व्यक्ति को रखना अनिवार्य होगा।
सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी डीएस धाकरे के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण मापक यूनिट लगाने संबंधी आदेश जारी किए हैं। इस प्रदूषण मापक यूनिट संचालित करने वाला प्रशिक्षित कर्मचारी वाहनों को प्रदूषण संबंधी प्रमाण पत्र देंगे कि उनके वाहनों का प्रदूषण स्तर कितना है। इसके एवज वाहन मालिकों से शुल्क लिया जाएगा। ज़िला प्रशासन ने पीयूसी (पॉल्युशन यूनिट सिस्टम) को पेट्रोल पंप पर स्थापित करने के निर्देश जारी किए हैं।
वर्तमान में वाहनों का प्रदूषण नापने के लिए कहीं पर कोई भी साधन उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा प्रशासन चलित पीयूसी वैन भी टोल नाकों पर रखने पर विचार कर रही है। वर्तमान में जिला परिवहन विभाग इस यूनिट को संचालित करने के लिए लाइसेंस जारी करता है। राजमार्गोंं पर अन्य प्रदेश से लगे सीमावर्ती टोल प्लाजा पर ऐसे पीयूसी संचालित किए जा रहे है।
प्रशिक्षित व्यक्ति को ही मिल सकेगा लाइसेंस
पेट्रोल पंप मालिकों को इसके लिए ऑटोमोबाइल विषय में आईटीआई पास व्यक्ति जो प्रशिक्षित हो, को रखना होगा। जिसे प्रदूषण मापक यंत्र को संचालित करने की जानकारी होना चाहिए। एक तरह से प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर के अधिमान्य होगा।
जिले में 35 पेट्रोल पंपों को लगानी होगी यूनिट
यह यूनिट नहीं लगाने पर सेल ऑर्डर नहीं ले पाएंगे पंप संचालक। जिले में कुल 35 पेट्रोल पंप है इनमें से 12 शहरी क्षेत्र में है। जिला प्रशासन ने कहा है कि यदि पेट्रोल पंप संचालक पीयूसी यूनिट नहीं लगाते हैं, तो या तो उनके लाइसेंस निरस्त किए जा सकते है, या फिर प्रतिमाह भेजे जाने वाले सेल ऑर्डर को जारी नहीं किया जाएगा। ऐसी स्थिति में पेट्रोल पंप मालिकों को यूनिट लगवाना अब जरूरी हो गया है।
इस संबंध में कलेक्टर संजय कुमार का कहना है कि सभी पेट्रोल पंप संचालकों को पंप पर प्रदूषण मापक यंत्र लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसे उन्हें आगामी एक माह में पूरा करना होगा। पेट्रोल पंप पर सभी वाहन चालक फ्यूल भरवाने आते हैं। ऐसे में उनके वाहन की प्रदूषण की स्थिति क्या है, यह पता लग सकता है। पेट्रोल पंप से बेहतर अन्य कोई जगह नहीं हो सकती है। वाहन में प्रदूषण रोकने के लिए इस योजना को सख्ती से क्रियान्वित किया जाएगा।

