आम चुनाव 2026 : 400 करोड़ से अधिक की जब्ती, आयोग सख्त 5 राज्यों में चुनाव, 70 हजार से ज्यादा शिकायतें; निगरानी के कड़े इंतजाम

नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने वर्ष 2026 के आम चुनाव और विभिन्न राज्यों में होने वाले उपचुनावों को लेकर सख्त निगरानी व्यवस्था लागू कर दी है। असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के लिए 15 मार्च 2026 को चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया है। इसके साथ ही 6 राज्यों में उपचुनाव भी आयोजित किए जा रहे हैं। आयोग ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और हिंसा-मुक्त बनाने के लिए आयोग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। इस दिशा में वरिष्ठ अधिकारियों और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठकें आयोजित कर समन्वय को मजबूत किया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावों को किसी भी प्रकार के प्रलोभन, दबाव या अवैध गतिविधियों से मुक्त रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

400 करोड़ से अधिक की अवैध सामग्री जब्त : निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 26 फरवरी से 25 मार्च 2026 के बीच विभिन्न राज्यों में 408.82 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अवैध सामग्री जब्त की गई है। इसमें 17.44 करोड़ रुपये नकद, 37.68 करोड़ रुपये की शराब, 167.38 करोड़ रुपये की ड्रग्स, 23 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं और 163.30 करोड़ रुपये की अन्य मुफ्त वितरण वाली वस्तुएं शामिल हैं।

निगरानी के लिए हजारों टीमें तैनात : चुनावों में गड़बड़ी रोकने के लिए 5,173 से अधिक फ्लाइंग स्क्वाड और 5,200 से ज्यादा स्टैटिक सर्विलांस टीम (SST) तैनात की गई हैं। इन टीमों का उद्देश्य शिकायतों का 100 मिनट के भीतर निपटारा करना और अवैध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करना है।

सी-विजिल ऐप से 70 हजार से ज्यादा शिकायतें : 15 से 25 मार्च के बीच सी-विजिल ऐप के माध्यम से कुल 70,944 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 70,831 का निपटारा किया जा चुका है। खास बात यह है कि 95.8 प्रतिशत शिकायतों का समाधान 100 मिनट के भीतर किया गया, जो त्वरित कार्रवाई का संकेत है।

जनता के लिए शिकायत व्यवस्था : आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जांच के दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। शिकायतों के निवारण के लिए जिला स्तर पर समितियां गठित की गई हैं। साथ ही कॉल सेंटर नंबर 1950 और सी-विजिल ऐप के जरिए नागरिक और राजनीतिक दल सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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