दतिया | दतिया विधानसभा उपचुनाव में चुनाव प्रचार अब पूरी तरह तेज हो चुका है। राजनीतिक सभाओं और जनसंपर्क अभियानों के बीच रविवार को जिगना गांव में आयोजित कांग्रेस की जनसभा एक अलग कारण से चर्चा का विषय बन गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी जब कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह के समर्थन में कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे, तभी सभा में मौजूद कुछ युवकों ने टिकट वितरण और पार्टी की राजनीति को लेकर सीधे सवाल उठाए। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सभा के बीच युवकों ने किया सवाल-जवाब : प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भाषण के दौरान एक युवक ने ऊंची आवाज में जीतू पटवारी से कहा कि वह उनका सम्मान करता है, लेकिन उनके सवालों का जवाब भी दिया जाए। इस पर जीतू पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद सबसे महत्वपूर्ण है और हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है। इसके बाद कुछ देर तक मंच और युवकों के बीच बातचीत का दौर चलता रहा।
‘कांग्रेस राजवाड़ा देखती है, लोकतंत्र नहीं’ : इसी दौरान एक अन्य युवक ने कांग्रेस की टिकट वितरण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा, “कांग्रेस आज भी राजशाही की सोच से बाहर नहीं निकल पाई है। जिसके नाम के आगे ‘कुंवर’ और पीछे ‘राजा’ लिखा होता है, कांग्रेस टिकट उसी को देती है। पार्टी लोकतंत्र नहीं, राजवाड़ा देखती है।” युवक के इस बयान के बाद सभा स्थल पर मौजूद लोगों के बीच कुछ देर तक हलचल और चर्चा का माहौल बना रहा।
नेताओं ने संभाला माहौल, सभा रही शांतिपूर्ण : युवकों के सवालों के बाद मंच पर मौजूद कांग्रेस नेताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने स्थिति को शांत कराया। इसके बाद कार्यक्रम पूर्व निर्धारित क्रम के अनुसार आगे बढ़ा और जीतू पटवारी ने कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए अपने संबोधन को जारी रखा। पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई और सभा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना घटनाक्रम : सभा का वीडियो सामने आने के बाद यह घटनाक्रम सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है। समर्थक और विरोधी दोनों पक्ष इसे लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक कांग्रेस की ओर से युवकों द्वारा लगाए गए आरोपों अथवा वायरल वीडियो पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच यह घटनाक्रम अब राजनीतिक चर्चाओं का नया केंद्र बन गया है।

