उपचुनाव के नतीजे से पहले कांग्रेस का बड़ा एक्शन : पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पार्टी से सस्पेंड, घनश्याम सिंह के आरोपों के बाद बढ़ी थी अंदरूनी खींचतान !

दतिया | दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणाम से ठीक पहले कांग्रेस ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। पार्टी ने दतिया के पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

AICC की मंजूरी के बाद जारी हुआ आदेश : कांग्रेस मध्यप्रदेश के प्रभारी हरीश चौधरी की ओर से 2 अगस्त 2026 को जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है कि AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मंजूरी के बाद राजेंद्र भारती को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।

आदेश की प्रतियां कांग्रेस के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के प्रमुख नेताओं एवं संबंधित संगठनात्मक पदाधिकारियों को भेजी गई हैं। इनमें AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित अन्य नेताओं के नाम शामिल हैं। आदेश की प्रति राजेंद्र भारती को भी भेजी गई है।

उपचुनाव के बाद खुला कांग्रेस का ‘अंदरूनी खाता’ : राजेंद्र भारती के खिलाफ यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब दतिया विधानसभा उपचुनाव के मतदान के बाद कांग्रेस के भीतर की राजनीतिक खींचतान सार्वजनिक रूप से सामने आ गई थी।

कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर चुनाव के दौरान पार्टी और प्रत्याशी के पक्ष में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाने के आरोप लगाए थे। घनश्याम सिंह का कहना था कि चुनाव अभियान के दौरान भारती ने पार्टी के पक्ष में न तो पर्याप्त सक्रिय भूमिका निभाई और न ही सार्वजनिक रूप से कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में मतदान की अपील की।

घनश्याम सिंह ने लगाए थे भितरघात के आरोप : घनश्याम सिंह ने आरोप लगाया था कि भारती की सक्रियता पार्टी के चुनाव अभियान के अनुरूप नहीं रही। उन्होंने यह भी दावा किया था कि मतदान से पहले भारती के बगीचे पर कार्यकर्ताओं की एक बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी को लेकर कथित तौर पर विरोधी बातें कही गईं।

घनश्याम सिंह के मुताबिक, चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों से संबंधित जानकारी प्रदेश नेतृत्व और कांग्रेस आलाकमान तक पहुंचाई गई थी। इसके बाद अब पार्टी की ओर से राजेंद्र भारती को निलंबित किए जाने का आधिकारिक आदेश सामने आया है। हालांकि, AICC के जारी आदेश में निलंबन की विस्तृत वजह का उल्लेख नहीं किया गया है।

भारती ने भी घनश्याम सिंह की उम्मीदवारी पर उठाए थे सवाल : दूसरी ओर, राजेंद्र भारती भी चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की उम्मीदवारी को लेकर सवाल उठा चुके थे। उन्होंने घनश्याम सिंह के राजनीतिक सफर और दतिया से उनकी उम्मीदवारी पर अपनी आपत्ति जाहिर की थी।

भारती ने यह भी सवाल उठाया था कि दतिया में लंबे समय से सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ताओं की दावेदारी के बीच घनश्याम सिंह को पार्टी का उम्मीदवार क्यों बनाया गया। इसके अलावा उन्होंने घनश्याम सिंह के भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा से कथित राजनीतिक संबंधों को लेकर भी सवाल खड़े किए थे।

इन बयानों के बाद घनश्याम सिंह ने पलटवार करते हुए भारती की भूमिका पर सवाल उठाए थे और उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों से जोड़कर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।

नतीजों से ठीक पहले कार्रवाई ने बढ़ाई सियासी हलचल : दतिया उपचुनाव की मतगणना से ठीक पहले कांग्रेस के इस बड़े फैसले ने स्थानीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। एक ओर 3 अगस्त को EVM खुलने के साथ दतिया की चुनावी तस्वीर साफ होने वाली है, वहीं दूसरी ओर परिणाम से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेंद्र भारती के निलंबन ने पार्टी की अंदरूनी राजनीति को भी सुर्खियों में ला दिया है।

अब सवाल सिर्फ उपचुनाव के नतीजे का नहीं, बल्कि इस कार्रवाई के बाद दतिया कांग्रेस की आगे की राजनीति क्या करवट लेगी, इस पर भी निगाहें टिक गई हैं। चुनाव के बाद सामने आया विवाद अब पार्टी के आधिकारिक एक्शन तक पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में इसका असर स्थानीय कांग्रेस संगठन पर भी दिखाई दे सकता है।

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