कांग्रेस का महिला कार्ड : 161 सीटों पर उतारेगी महिला उम्मीदवार, प्रियंका ने ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ का दिया नया नारा

लखनऊ : उप्र चुनाव में कांग्रेस हर दांव खेल रही है। इस बार मुकाबला कांटे का बनाने के लिए कांग्रेस कोई कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी के तेवर हर रोज भाजपा के सामने चुनौती पेश कर रहे हैं। इस बार प्रियंका ने महिला कार्ड खेला है। उप्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 40 प्रतिशत टिकट महिलाओं को देगी। यह घोषणा प्रियंका गांधी ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

प्रियंका ने कहाकि यह फैसला तमाम पीड़ित महिलाओं के साथ न्याय करेगा। प्रियंका ने नया नारा दिया, ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं।’

कांग्रेस 40 प्रतिशत महिलाओं को टिकट देने के लिहाज से उप्र की कुल 403 विधानसभा सीटों में से 161 पर महिला उम्मीदवार उतारेगी। मजेदार बात यह रही कि प्रियंका जब यह ऐलान कर रही थीं, तब भी उनके मंच पर 7 पुरुष मौजूद थे और उनके आसपास केवल दो महिलाएं बैठी हुई थीं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पार्टी का महिलाओं को टिकट देने का फैसला काफी चुनौती भरा रहने वाला है।

कांग्रेस ने भले ही महिलाओं को टिकट देने का ऐलान किया हो, लेकिन इसमें भी नेताओं के परिवार की महिलाओं का ही दबदबा रहने की संभावना है। खुद प्रियंका गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परिवारवाद का समर्थन किया।

जब उनसे सवाल पूछा गया कि कांग्रेस ने महिलाओं को टिकट देने का ऐलान किया है, लेकिन सभी असरदार नेता अपने परिवार की महिलाओं को ही टिकट दिलाने के लिए लॉबिंग करेंगे। इस पर प्रियंका ने कहा कि इसमें कोई हर्ज नहीं है।

प्रियंका ने कहा कि हमने आवेदन मांगे हैं और 15 नवंबर तक लोग टिकट के लिए आवेदन कर सकते हैं। महिलाओं को टिकट मेरिट के आधार पर दिया जाएगा।

प्रियंका ने यह भी कहा कि उनका बस चलता तो वह 40 की जगह 50 फीसदी टिकट महिलाओं को देतीं। जब उनसे विधानसभा चुनाव लड़ने के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि इस पर बाद में सोचेंगे। वहीं, उप्र में कांग्रेस के की तरफ से सीएम का फेस कौन होगा इस पर अभी फैसला होना है।

पीड़ित महिलाओं को मिलेगा न्याय

प्रियंका ने कहाकि जब मैं 2019 के चुनाव में उत्तर प्रदेश आई थी, तो प्रयागराज में यूनिवर्सिटी की कुछ लड़कियां मुझसे मिलीं। उन्होंने बताया कि यहां लड़कों और लड़कियों के लिए अलग नियम हैं। इसके बाद हमने यह फैसला किया है। यह फैसला उन्नाव की उस लड़की के लिए है, जिसे जलाकर मारा गया। यह फैसला हाथरस की उस लड़की के लिए है, जिसे न्याय नहीं मिला।

प्रियंका ने कहाकि मुझे लखीमपुर में एक लड़की मिली थी। उसने कहाकि वह प्रधानमंत्री बनना चाहती है। हमारा फैसला उसके लिए है। यह सोनभद्र में उस महिला के लिए है, जिसने लोगों के लिए आवाज उठाई। यह फैसला उप्र की हर उस महिला के लिए है जो आगे बढ़ाना चाहती है, अपना भविष्य बनाना चाहती है या बदलाव लाना चाहती है।

सरकार पर साधा निशाना

प्रियंका ने कहा कि युपी में आम आदमी की सुरक्षा कोई नहीं करता। खुलेआम लोगों को कुचला जा सकता है।आज नफरत का बोलबाला है, महिलाएं इसे बदल सकती हैं।

प्रियंका ने कहाकि जब सीतापुर में मुझे महिला पुलिसकर्मियों ने घेर लिया, तो दो महिला पुलिसकर्मी मुझे सीतापुर के गेस्ट हाउस लेकर गई थीं। यह फैसला उनके लिए भी है। देश को धर्म की राजनीति से निकलना है और आगे ले जाना है और महिलाओं को खुद ही यह काम करना होगा।

प्रियंका ने सोमवार को शाहजहांपुर जिले में अदालत परिसर के भीतर एक वकील की हत्या को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा आजकल उप्र में कोई सुरक्षित नहीं है।

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