समाधान योजना में 25 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को राहत : 31 मार्च तक 90% तक सरचार्ज माफी का मौका

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार की बिजली उपभोक्ताओं के लिए चलाई जा रही “समाधान योजना 2025-26” को लेकर बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब तक 25 लाख से अधिक उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठा चुके हैं, जिससे न सिर्फ बकाया वसूली में तेजी आई है, बल्कि आम लोगों को आर्थिक राहत भी मिली है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के दूसरे और अंतिम चरण की अवधि बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी गई है, जिससे और अधिक उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिल सके।

मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत तीन माह से अधिक समय से बकाया बिजली बिल वाले उपभोक्ताओं को एकमुश्त भुगतान करने पर सरचार्ज में 90 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। पहले यह योजना 28 फरवरी तक ही लागू थी, लेकिन उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए इसकी अवधि बढ़ाई गई है। सरकार ने सभी बकायादार उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय रहते योजना में शामिल होकर बकाया राशि जमा करें और भारी छूट का लाभ उठाएं।


420 करोड़ से अधिक का सरचार्ज माफ, 1231 करोड़ की वसूली : समाधान योजना के तहत अब तक 25 लाख 75 हजार उपभोक्ताओं ने पंजीयन कर लाभ लिया है। इस दौरान कुल 1231 करोड़ 68 लाख रुपये की राशि जमा की गई, जबकि 420 करोड़ 93 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया है। यह योजना राज्य में बकाया वसूली के साथ-साथ उपभोक्ताओं को राहत देने में प्रभावी साबित हो रही है।

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 7.63 लाख उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया, जहां 701 करोड़ से अधिक की राशि जमा हुई और 301 करोड़ रुपये से ज्यादा सरचार्ज माफ किया गया। वहीं पूर्व क्षेत्र में 9.62 लाख उपभोक्ताओं ने 275 करोड़ रुपये जमा किए और 83 करोड़ रुपये से अधिक की छूट प्राप्त की। पश्चिम क्षेत्र में 8.50 लाख उपभोक्ताओं ने 254 करोड़ रुपये जमा कर 35 करोड़ रुपये से अधिक सरचार्ज माफी का लाभ उठाया।


क्या है समाधान योजना 2025-26 : समाधान योजना का उद्देश्य तीन माह से अधिक समय से लंबित बिजली बिल वाले उपभोक्ताओं को राहत देना है। इस योजना के तहत एकमुश्त भुगतान करने पर 70 से 90 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट मिलती है, जबकि किस्तों में भुगतान करने पर 50 से 60 प्रतिशत तक की छूट दी जाती है।

योजना में शामिल होने के लिए उपभोक्ताओं को संबंधित विद्युत वितरण कंपनी के पोर्टल पर पंजीयन कराना होता है। पंजीयन के दौरान घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत, जबकि गैर-घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को 25 प्रतिशत राशि जमा करनी होती है।


उपभोक्ताओं से अपील : ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यह योजना “पहले आएं, ज्यादा लाभ पाएं” के सिद्धांत पर आधारित है। उन्होंने बकायादार उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 से पहले योजना का लाभ उठाकर अपना बकाया समाप्त करें और भारी सरचार्ज माफी का फायदा लें।

सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी और राज्य में बिजली व्यवस्था अधिक सुदृढ़ बनेगी।

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