दतिया । कोरोना वैक्सीन को लेकर सभी शहर को बेसब्री से इंतजार है। यह वैक्सीन जिले में मार्च से पूर्व आना संभव नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वैक्सीन में देरी के चलते कोरोना की रोकथाम के लिए अन्य तैयारियां जिले स्तर पर तेज कर दी गई है। हालांकि जिले में संक्रमण दर प्रतिदिन 8 से 10 मरीजों की है।
जिला चिकित्सालय में भी अन्य शहरों की तरह कोरोना वैक्सीन का इंतजार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोरोना को वैक्सीन के लिए जिले को अभी इंतजार करना पड़ेगा। यह टीका लगभग मार्च माह तक जिले के मरीजों को पहुंच सकता है। बता दें कि इन दिनों गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल में कोरोना के को-वैक्सीन का टेस्ट चल रहा है। स्वास्थ विभाग ने बताया कि 7 दिनों में मात्र 48 लोग ही टेस्ट के लिए उपलब्ध हो पाए हैं। ऐसी स्थिति में वैक्सीन की ट्रायल में भी देरी संभव है। ट्रायल पूर्ण होने के बाद वैक्सीन के देश में पहुंचने के बाद विभिन्न शहरों में इसे वितरित किया जाएगा। इनमें सबसे मुख्य शहर भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर सेंटर को लिया जाना है। मेडिकल कॉलेज के सूत्रों के अनुसार जहां सबसे ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं, वहां सबसे पहले कोरोना वैक्सीन पहुंचाए जाएंगे। इसके बाद कोरोना वैक्सीन में प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य विभाग, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिस तथा अन्य विभाग को लगाए जाएंगे। इसके बाद बुर्जुगों लोगों को लिया जाएंगा। हालांकि अभी जिन बुर्जुगों को वैक्सीन लगाना है उनकी आयु तय नहीं हुई है। फिर भी उम्र सीमा 55 से 60 वर्ष वालों को सबसे पहले वैक्सीन लगाए जाएंगे।
जिला चिकित्सालय ने की शुरू की अन्य तैयारियां
दतिया जिला चिकित्सालय में कोरोना वैक्सीन में देरी को देखते हुए अन्य तैयारियां शुरू कर दी है। इसके तहत पूर्व में लगाया जा रहा ऑक्सीजन प्लांट आगामी 15 से 20 दिसंबर तक प्रारंभ हो जाएगा। एक करोड़ से ऊपर की लागत से लगने वाले इस ऑक्सीजन प्लांट से सीधे मरीजों को बेड पर ही ऑक्सीजन मिलेगी। वर्तमान में ग्वालियर के दो जगह और छतरपुर में एक स्थान से ऑक्सीजन की सप्लाई जिला चिकित्सालय दतिया को की जा रही है। प्लांट के लगने के बाद ऑक्सीजन बैरल सीधे टैंक में खाली किया जाएगा।
हवा से ऑक्सीजन लेने वाला प्लांट भी चर्चा में
वर्तमान में सिलेंडर द्वारा ऑक्सीजन मरीजों को सप्लाई की जाती है। अब ऑक्सीजन टैंक लगने के बाद बेड पर सीधे सप्लाई हो जाएगी, किंतु चर्चा है कि दतिया जिला चिकित्सालय में हवा से ऑक्सीजन लेने वाला प्लांट भी लगाने की चर्चा की गई है। हालांकि अभी इस का प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया है। संभावना जताई जा रही है कि इस तरह के प्लांट लगाने से धन और समय दोनों की बचत होगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दतिया एस. एन. उदयपुरिया के मुताबिक कोरोना वैक्सीन के टेस्ट से लगाकर जिस शहर मैं ज्यादा इसकी जरूरत है, वहां तक पहुंचने में लगभग 2 से ढाई माह का समय लगेगा। संभावना है कि मार्च अंत तक वैक्सीन दतिया जिला चिकित्सालय को उपलब्ध हो जाएगा। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जिला चिकित्सालय ने अन्य सभी तैयारियां पुनः शुरू कर दी है। जिसने बेड की व्यवस्था, वेंटिलेटर और अन्य मेडिकल सुविधाएं पुन: एकीकृत की जा रही है।

