दतिया। नगर पालिका परिषद दतिया में जनसमस्याओं और कार्यप्रणाली को लेकर पार्षदों का असंतोष खुलकर सामने आ गया है। शहर में बिजली, पानी, स्ट्रीट लाइट की बदहाली और बाजार बैठकी के नाम पर हो रही कथित अवैध वसूली से नाराज पार्षदों ने नगर पालिका पहुंचकर जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान पार्षदों ने अध्यक्ष पुत्र के हस्तक्षेप के खिलाफ भी आक्रोश व्यक्त किया। पार्षदों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) के नाम सफाई प्रभारी अनुपम पाठक को ज्ञापन सौंपकर परिषद का विशेष सम्मेलन बुलाने की मांग की।
धारा 57 के तहत विशेष सम्मेलन आहूत करने की मांग : ज्ञापन में मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 57 के नियमों का हवाला देते हुए तुरंत बैठक बुलाने का आग्रह किया गया है। नगर पालिका के करीब 26 निर्वाचित पार्षदों ने हस्ताक्षर और सील के साथ यह मांग पत्र सौंपा है।
पार्षदों का कहना है कि नियम के तहत कुल पार्षदों के एक-तिहाई से अधिक सदस्य लिखित आवेदन दे चुके हैं, इसलिए तय समय-सीमा के भीतर बैठक का एजेंडा, तारीख, समय और स्थान तय कर सभी सदस्यों को विधिवत सूचना भेजी जाए।
नामांतरण अधिकार और निर्माण कार्यों की समीक्षा का मुद्दा : पार्षदों ने मांग की है कि विशेष बैठक की कार्यसूची में नगर पालिका अधिनियम की धारा 78 के तहत नामांतरण के अधिकारों के प्रत्यायोजन (अधिकार ट्रांसफर) का विषय प्रमुखता से शामिल किया जाए।
इसके साथ ही वर्तमान में चल रहे तमाम निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, वित्तीय स्थिति और पालिका के विभिन्न विभागों के कामकाज की व्यापक समीक्षा बैठक के एजेंडे में रखी जाए।
26 से अधिक पार्षदों ने एकजुट होकर उठाई आवाज : ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से पार्षद बृजेश यादव, आकाश (अक्कू) दुबे, प्रीति जौली शुक्ला, मंजू ब्रजेश दुबे, संतोष कटारे, साजिदा तारिक किलेदार, ज्योति अमित दुबे, रामदेवी कानू तिवारी, हरीसेन सेठी, सत्यम भगत, माला टिलवानी, कुंदन प्रजापति, पूनम कुशवाह, कोमलसिंह अहिरवार, दीपक सोनी, गीता राकेश साहू, कविता गोले साहू, गीता लुकमान और राजकुमारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

