दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत : घनश्याम सिंह ने भाजपा को 6016 वोटों से हराया; हार के बाद आशुतोष बोले- “आप इत्मीनान रखिए, देखिए आगे होता है क्या!”

दतिया | दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे में कांग्रेस ने एक बार फिर भाजपा को मात देते हुए सीट पर कब्जा बरकरार रखा है। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। 15वें और अंतिम राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद घनश्याम सिंह को 66,750 वोट, जबकि आशुतोष तिवारी को 60,697 वोट मिले। परिणाम सामने आते ही कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल बन गया, वहीं भाजपा खेमे में चुनाव परिणाम को लेकर मंथन शुरू हो गया है।

राउंड नंबर :- 15 के वोट जोड़ने के बाद कुल वोट
आशुतोष तिवारी (भाजपा) 60,741
घनश्याम सिंह (कांग्रेस) 66,757
दामोदर यादव (ASP) 22,527
कांग्रेस ने 6,016 वोटों से दर्ज की जीत
राउंड आशुतोष तिवारी (भाजपा) घनश्याम सिंह (कांग्रेस) दामोदर यादव (ASP)
1 4,551 3,367 1,917
2 8,253 7,378 3,530
3 12,399 12,432 4,874
4 16,457 17,290 6,899
5 20,739 21,047 8,877
6 24,070 25,856 9,791
7 28,141 31,436 10,451
8 31,681 38,264 11,758
9 35,439 44,958 12,169
10 39,396 50,307 13,273
11 41,948 54,169 15,028
12 45,810 58,417 17,489
13 50,623 61,677 20,388
14 57,237 64,777 21,858
15 60,741 66,757 22,527

नतीजे के बाद आशुतोष तिवारी का बड़ा बयान—“आप इत्मीनान रखिए, देखिए आगे होता है क्या!” : चुनाव परिणाम के बाद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूरे चुनाव के दौरान जो परिस्थितियां बनीं, उनकी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनाव में यदि कोई बात सामने आई है तो उसके पीछे कारण भी होंगे और पार्टी स्तर पर पूरे घटनाक्रम को देखा जाएगा।

प्रेस से बातचीत के दौरान आशुतोष तिवारी ने कहा—“आप इत्मीनान रखिए, देखिए आगे होता है क्या!” उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव में जिन लोगों ने भीतरघात किया है, उनकी भूमिका की समीक्षा कर उचित कार्रवाई करवाने का प्रयास किया जाएगा।

“भाजपा के कार्यकर्ता को बलि का बकरा बनाने की हैसियत किसी की नहीं” : आशुतोष तिवारी ने कहा कि वे केवल अपने व्यक्तिगत राजनीतिक भविष्य की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता के तौर पर अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता को किसी भी परिस्थिति में बलि का बकरा नहीं बनाया जा सकता।

उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में अपनी बात रखने के लिए उचित मंच होता है और वे अपनी बात पार्टी के उचित मंच पर रखेंगे। उनके इस बयान को चुनाव परिणाम के बाद पार्टी के भीतर संभावित समीक्षा और कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है।

दतिया को लेकर बोले—“माई की नगरी है, अतिरिक्त दिमाग लगाना घातक सिद्ध होता है” : आशुतोष तिवारी ने दतिया की राजनीतिक और धार्मिक आस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि यह माई की नगरी है और यहां बहुत अधिक चिंतन-मंथन करने के बजाय मां पीतांबरा की इच्छा को सर्वोपरि मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि दतिया में अतिरिक्त दिमाग लगाने का प्रयास घातक सिद्ध होता है और आगे भी ऐसा ही होता रहेगा। उन्होंने कहा कि वे एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में पार्टी पदाधिकारियों और मतदाताओं के बीच रहेंगे तथा जनता के साथ लगातार जुड़े रहेंगे।

“भीतरघात से ज्यादा फर्क नहीं पड़ा”—घनश्याम सिंह : वहीं, जीत के बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने कहा कि चुनाव में भीतरघात की चर्चाएं जरूर रहीं, लेकिन इसका परिणाम पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस के पक्ष में अपना जनादेश दिया है।

रुझानों में जीत की स्थिति स्पष्ट होने के बाद घनश्याम सिंह ने इसे बड़े राजनीतिक संदेश के तौर पर पेश करते हुए कहा कि इस जनादेश का संदेश पूरे देश तक जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह परिणाम भाजपा के राजनीतिक अंत की शुरुआत का संकेत है।

नरोत्तम मिश्रा के बूथ पर भी भाजपा पीछे : उपचुनाव के परिणाम के बीच पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा से जुड़े पोलिंग बूथ नंबर 121 का परिणाम भी चर्चा में रहा। यहां कांग्रेस को 291 वोट, जबकि भाजपा को 264 वोट मिले। इस बूथ पर भी कांग्रेस ने भाजपा से अधिक मत हासिल किए।

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter