साबरमती से देश की पहली LNG ट्रेन रवाना : गृह मंत्री अमित शाह ने दी ₹1472 करोड़ की रेल परियोजनाओं की सौगात,₹700 करोड़ के WAG-12 लोको शेड और ‘कवच’ प्रणाली का लोकार्पण
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अहमदाबाद। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रेलवे स्टेशन से ₹1,472 करोड़ की लागत वाली विभिन्न रेल विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने देश की पहली लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) आधारित ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारतीय रेल के सबसे शक्तिशाली इंजनों के रख-रखाव के लिए ₹700 करोड़ की लागत से तैयार अत्याधुनिक WAG-12 मेंटेनेंस शेड का भी उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित रेलवे बोर्ड के आला अधिकारी व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

पर्यावरण संरक्षण में मील का पत्थर: पहली LNG ट्रेन और 12,000 HP का WAG-12 इंजन : रेलवे के आधुनिकीकरण और हरित ऊर्जा की दिशा में उठाए गए कदमों को रेखांकित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा:

  • पर्यावरण अनुकूल LNG ट्रेन: साबरमती से शुरू की गई देश की पहली एलएनजी ट्रेन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में गेमचेंजर साबित होगी, जिससे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता और कार्बन उत्सर्जन दोनों में भारी कमी आएगी।

  • 600 ट्रकों जितना वजन खींचेगा एक इंजन: 12,000 हॉर्सपावर की ट्विन-सेक्शन क्षमता वाले WAG-12 लोकोमोटिव की मेंटेनेंस फैसिलिटी का उद्घाटन करते हुए उन्होंने बताया कि यह इंजन अकेले 600 ट्रकों के बराबर माल ढोने में सक्षम है। पहले इसके लिए दो अलग-अलग इंजनों की जरूरत पड़ती थी।

यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता: ‘कवच’ और ट्रैक दोहरीकरण : समारोह के दौरान रेल संरक्षा और नेटवर्क विस्तार से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई गई:

  • ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली: 48 करोड़ रुपये की लागत से साबरमती-कलोल-साबरमती रेल खंड पर स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ शुरू की गई। इसके अतिरिक्त अहमदाबाद-पालनपुर और अहमदाबाद-सामाख्याली रेल खंडों पर भी ‘कवच’ लगाने का काम शुरू हुआ।

  • ट्रैक दोहरीकरण: बढ़ते यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए साबरमती-सरखेज रेल मार्ग के दोहरीकरण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया।

  • डबल-स्टैक फ्रेट कॉरिडोर: मुंबई (JNPT) से वडोदरा तक पहली डबल-स्टैक लॉन्ग-हॉल कंटेनर ट्रेन का ट्रायल सफल रहा है। इसके विस्तार से माल ढुलाई क्षमता दोगुनी होगी और 11,000 किमी के नेटवर्क को 4-लेन में बदला जा रहा है।

2014 के बाद रेलवे में बुनियादी परिवर्तन: 99.6% हुआ विद्युतीकरण

केंद्रीय गृह मंत्री ने आंकड़ों के जरिए पिछले 12 वर्षों में भारतीय रेलवे के कायाकल्प का ब्योरा रखा:

  • विद्युतीकरण में वैश्विक बढ़त: 2014 से पहले जहां महज 30% ट्रैक विद्युतीकृत थे, वहीं अब यह आंकड़ा 99.6% तक पहुंच चुका है। भारत जल्द ही 100% विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल कर ब्रिटेन (49%), फ्रांस (60%), स्पेन (68%) और चीन (92%) जैसे देशों को पीछे छोड़ देगा।

  • डीजल खपत में भारी गिरावट: वर्ष 2015-16 में रेलवे सालाना 293 करोड़ लीटर डीजल की खपत करता था, जो 2024-25 में घटकर मात्र 108 करोड़ लीटर रह गया है।

  • सुरक्षा और उत्पादन क्षमता: रेलवे सुरक्षा बजट में 67% और लोकोमोटिव उत्पादन क्षमता में 66% की वृद्धि हुई है। एलएचबी (LHB) कोच का उत्पादन 87% बढ़ा है और 98% बायो-टॉयलेट स्थापित किए जा चुके हैं। हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक अपनाने वाले दुनिया के शीर्ष चार देशों में भारत शामिल हो चुका है।

  • गुजरात के रेल बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी: यूपीए सरकार के दौरान 2009 से 2014 के बीच गुजरात का पांच साल का कुल रेल बजट मात्र ₹589 करोड़ था, जबकि वर्ष 2026-27 के लिए यह बजट बढ़कर रिकॉर्ड ₹17,366 करोड़ कर दिया गया है।

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