पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर के आदेश पर न्यायालय की रोक : अपर सत्र न्यायालय ने निचली अदालत का फैसला पलटा, थाना प्रभारी समेत अन्य कर्मियों को मिली राहत

दतिया। लगभग दो वर्ष पुराने एक विवादित मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश को अपर सत्र न्यायालय ने निरस्त कर दिया है। न्यायालय ने पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत द्वारा पारित आदेश को रद्द कर दिया, जिससे संबंधित पुलिस अधिकारियों को राहत मिली है।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 में एक आपराधिक मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। घटना के बाद संबंधित पक्ष ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

न्यायिक प्रक्रिया के विभिन्न चरणों के बाद हाल ही में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) न्यायालय ने कुछ पुलिसकर्मियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे।

उक्त आदेश को चुनौती देते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी की ओर से अपर सत्र न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर की गई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण किया गया।

मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए एफआईआर दर्ज करने संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया। न्यायालय के इस निर्णय के बाद संबंधित पुलिस अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। न्यायालय के फैसले के साथ ही मामले ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है। अब आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।

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