Cyber crime: साइबर ठगों के खिलाफ देशव्यापी अभियान, आठ गिरफ्तार, 300 से ज्यादा फोन जब्त, 100 बैंक खाते सीज

नई दिल्ली : साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ केंद्र सरकार ने देशव्यापी अभियान छेड़ा है। अपनी तरह के इस पहले अभियान में 18 राज्यों में सक्रिय साइबर ठगों के बड़े गिरोहों का पर्दाफाश हुआ है।

गृह मंत्रालय की साइबर सुरक्षा इकाई के साथ मिलकर कई राज्यों की पुलिस, फिनटेक (वित्तीय प्रौद्योगिकी) कंपनियों और जांच एजेंसियों ने 350 आरोपितों की पहचान की है,

जिनमें से आठ को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। उनके पास से 333 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं और 100 बैंक खाते भी सीज किए गए हैं।

संदेह के आधार पर 900 मोबाइल फोन, 1,000 बैंक अकाउंट और सैकड़ों यूपीआइ और ई-कामर्स आइडी की भी जांच की जा रही है।

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि साइबर ठगों का यह गिरोह आपसी तालमेल से लोगों को शिकार बनाता था।

विभिन्न राज्यो में फैले गिरोह के सदस्य अलग-अलग भूमिका निभाते थे, जिससे किसी एक राज्य की पुलिस के लिए पूरी साजिश का पर्दाफाश करना मुश्किल हो जाता था।

अधिकारी के मुताबिक गिरोह के सदस्यों के बीच ओटीपी फ्राड, क्रेडिट कार्ड फ्राड, ई-कामर्स फ्राड, फर्जी पहचान पत्र बनाने, फर्जी मोबाइल नंबर हासिल करने, फर्जी पता तैयार करने, मनी लांड्रिंग और चोरी के सामान की खरीद-बिक्री जैसे काम बंटे हुए थे।

11 जून को साइबरसेफ पर मिली शिकायत फोन से ठगी के ऐसे ही एक मामले की जानकारी 11 जून को साइबरसेफ बेवसाइट पर मिली और उसके चार दिन के भीतर गिरोह का पर्दाफाश कर दिया गया।

दरअसल, राजस्थान के उदयपुर निवासी 78 साल के एक व्यक्ति ने साइबरसेफ पर 6.5 लाख रुपये की ठगी की शिकायत की। कुछ देर में ही पता चल गया कि उनके खाते से उड़ाए गए पैसे भारतीय स्टेट बैंक के तीन कार्ड में जमा किए गए हैं,

जिनसे फ्लिपकार्ट पर शाओमी कंपनी के 33 महंगे मोबाइल फोन खरीदे गए हैं। चंद मिनट में ही पता चल गया कि ये मोबाइल फोन मध्य प्रदेश के बालाघाट में डिलीवर किए गए हैं।

बालाघाट के एसपी ने इस सूचना के आधार पर तत्काल न सिर्फ आरोपित हुकुम सिंह बिसेन को गिरफ्तार किया, बल्कि उसके पास से सभी 33 मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए। दूसरी ओर झारखंड के देवघर से उदयपुर के बुजुर्ग को फोन करने वाले संजय महतो को वहां की पुलिस ने गिरफ्तार किया।

झारखंड, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश से हुई गिरफ्तारियां इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद देश में फैले इस गिरोह के सदस्यों की पड़ताल शुरू हुई जिसमें अभी तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें मध्य प्रदेश से बिसेन के अलावा मनोज राणा,

झारखंड से संजय महतो के अलावा रांची से सुशांत अग्रवाल व प्रभात कुमार तथा सरायकेला से विकास उर्फ नितिन कुमार और आंध्र प्रदेश के चित्तूर से हरि और श्रवण कुमार शामिल हैं। वहीं 350 लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

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