दतिया। जिले के सुप्रसिद्ध आस्था केंद्र रतनगढ़ माता मंदिर में दीपावली दूज के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय वार्षिक मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। 9 से 11 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस वृहद लक्खी मेले में जुटने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़, सुरक्षा व्यवस्था और सुगम यातायात प्रबंधन को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी स्वप्निल वानखड़े ने कड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। कलेक्टर ने आदेश जारी कर 9 और 10 नवंबर 2026 को जिले के समस्त विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, इस अवधि के दौरान केवल अपरिहार्य परिस्थितियों अथवा गंभीर चिकित्सकीय आपातकाल (Medical Emergency) की स्थिति में ही सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के उपरांत अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा।
भीड़ नियंत्रण और नागरिक सुविधाओं के लिए तय हुईं विभागीय जिम्मेदारियां : रतनगढ़ मेले में मध्यप्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित पड़ोसी राज्यों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन और जवारे विसर्जन के लिए पहुंचते हैं:
कर्मचारियों की त्वरित उपलब्धता: अवकाश पर रोक लगाने का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भीड़ प्रबंधन, कानून व्यवस्था और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में प्रशासनिक व मैदानी अमला तत्काल कार्यस्थल पर तैनात रहे।
विभागवार दायित्व निर्धारित: राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, परिवहन और पीएचई (PHE) सहित सभी प्रमुख विभागों के नोडल अधिकारियों की ड्यूटी तय कर दी गई है। मेला क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति, निरंतर विद्युत व्यवस्था, चलित चिकित्सा केंद्र, एंबुलेंस तथा आपातकालीन सहायता डेस्क की निगरानी का जिम्मा मैदानी अमले को सौंपा गया है।
यातायात और सुरक्षा पर विशेष जोर: मेला मार्ग पर वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं के पैदल आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए मार्गों पर लगातार पेट्रोलिंग और चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं।

