जीएसटी नियमों के विरोध में बंद रही दतिया और भांडेर मंडी, व्यापारियों ने नए नियम का किया विरोध

दतिया । जीएसटी के विरोध में बंद के आव्हान का असर दतिया में शुक्रवार को मंडी व्यापारियों में मिला जुला दिखाई दिया। कंफडरेशन आल इंडिया ट्रेडर्स और आल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने 26 फरवरी को भारत बंद करने का फैसला किया था। इसको लेकर राज्यों के कई व्यापारी संगठनों ने भी इन मांगों का समर्थन किया। इस बंद का मिलाजुला असर शहर में दे्खने को मिला जहां एक कृषि उपज मंडी बंद रही, वहीं दूसरी ओर शहर की दुकानें व अन्य प्रतिष्ठान खुले रहे। भांडेर तहसील में भी यही स्थिति रही।

दतिया और भांडेर में बंद को लेकर मिला जुला असर देखा गया है। इस दौरान पुलिस भी सतर्क रही। जहां दतिया मंडी में फ़सल बेचने आएं इक्का-दुक्का किसानों की माल की ढुलाई की गई। मंडी कार्यवाहक अध्यक्ष राधावल्लभ ने बताया कि भारत बंद का हम सभी व्यापारी समर्थन करते और जीएसटी में संशोधन किया जाएं। जीएसटी के तहत आने वाले ई-वे बिल नियमों का वो सभी डीजल-पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों का भी विरोध कर रहे हैं।

वहीं जीएसटी में रजिस्टर्ड कोई भी व्यापारी या व्यक्ति किसी वाहन में निर्धारित सीमा से ज्यादा माल बिना ई-वे बिल के नहीं ले जा सकता। बता दें कि हर 200 किमी की दूरी के लिए इस बिल की वैधता केवल एक दिन होती है। व्यापारियों का कहना है कि उनके पास सही इनवाइस होने पर भी अगर ई-वे बिल में कोई एरर है, तो माल के मूल्य के 100 फीसद या लगने वाले टैक्स के 200 फीसद तक का जुर्माना लगा दिया जाता है। वहीं इसको देखते हुए ट्रांसपोर्टर्स इस पूरी व्यवस्था को नाकाम बताते हुए इसे खत्म करने की मांग कर रहे हैं। भारत बंद के दौरान पुलिस के पुख्ता इंतजाम रहे। बंद का असर अन्य किसी व्यापार पर नहीं दिखाई दिया और सामान्य तौर पर व्यवसाय होता रहा।

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