दतिया | दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। निर्वाचन आयोग ने चुनावी कार्यक्रम जारी करते हुए मतदान से लेकर मतगणना तक की सभी महत्वपूर्ण तारीखों की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही विधानसभा क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है, क्योंकि राजनीतिक दल अब प्रत्याशियों के चयन और प्रचार अभियान की तैयारियों में जुटेंगे।

इन तारीखों पर होगी चुनावी प्रक्रिया : उपचुनाव के लिए 6 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। इच्छुक उम्मीदवार 13 जुलाई तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 14 जुलाई को दस्तावेजों की जांच की जाएगी, जबकि 16 जुलाई नाम वापस लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। सभी औपचारिकताओं के बाद 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को मतगणना के साथ चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। आयोग के अनुसार पूरी निर्वाचन प्रक्रिया 4 अगस्त 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।
चुनाव आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू : चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही दतिया विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। अब सरकारी घोषणाओं और चुनावी गतिविधियों पर आयोग के दिशा-निर्देश लागू रहेंगे। मतदान के दौरान सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का उपयोग किया जाएगा।
आखिर क्यों कराना पड़ रहा है उपचुनाव? : दतिया विधानसभा सीट उस समय रिक्त हुई, जब तत्कालीन विधायक राजेन्द्र भारती की सदस्यता समाप्त हो गई। एक आपराधिक मामले में दो वर्ष से अधिक की सजा सुनाए जाने के बाद लागू कानूनी प्रावधानों के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने सीट रिक्त घोषित कर निर्वाचन आयोग को इसकी सूचना भेजी, जिसके बाद उपचुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू हुई।
बैंक से जुड़े पुराने मामले में हुई थी दोषसिद्धि : राजेन्द्र भारती से जुड़ा मामला वर्ष 1998 में दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक की एक एफडी से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं का था। जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि बैंक रिकॉर्ड में कथित हेरफेर के कारण वर्षों तक ब्याज भुगतान किया गया। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने अप्रैल 2026 में उन्हें दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई।
अब बढ़ेगी चुनावी हलचल : उपचुनाव की घोषणा के साथ ही दतिया में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। प्रमुख दल जल्द ही अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर सकते हैं। चुनाव प्रचार, जनसभाएं और स्थानीय मुद्दों पर सियासी मुकाबला आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। दतिया उपचुनाव को प्रदेश की राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

