दतिया । जिले में कोरोना का रिकवरी रेट बढ़कर 95 प्रतिशत हो गया है। जो अन्य जिलों के मुकाबले में 2.04 फीसदी अधिक है। ऐसे कई शहर है, जहां पर कोरोना संक्रमण वाले मरीजों का रिकवरी रेट तो ज्यादा है, परंतु साथ ही मरीजों की संख्या भी ज्यादा है। दतिया जिले में अब तक लगभग 45 हजार 759 लोगों की सैंपलिंग की गई थी। जिनमें से 1683 मरीज पाए गए थे, पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं। अभी मात्र 6 मरीज ही कोविड वार्ड में भर्ती है।
विगत मंगलवार को 300 लोगों की सैंपलिग के दौरान कोई भी कोरोना पेशेंट नहीं निकला। ऐसा मौका जिले में तीसरी बार आया है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 45 हजार से ज्यादा सैंपलिंग में 1683 मरीज रिकवर हो गए हैं। इसी तरह से वर्तमान में मरीजों की संख्या 6 मरीज है, जो हॉस्पिटल में भर्ती है। इसके अलावा लगभग 488 कंटेनमेंट जोन को समाप्त कर दिया गया है।
प्रतिदिन आ रहे हैं 8 से 10 मरीज
जिले में अभी तक कुल एक्टिव 72 केस है। अस्पताल में भर्ती इन मरीजों के लिए विशेष देखभाल की जा रही है। कंटेनमेंट जोन के लिए भी नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। माना जा रहा है कि यूं तो दतिया जिले में 98.9 का रिकवरी रेट है। इस रिकवरी रेट को अभी तक शासकीय मान्यता नहीं मिल पाई है। वर्तमान में जहां पहले 8 से 10 मरीज प्रतिदिन पाए जाते थे। जिले में आरटीपीसी और रैपिड एंटीजन टेस्ट के माध्यम से सैंपलिंग की जा रही है।
रतलाम, मंदसौर, नीमच, शिवपुरी, गुना, जैसे अन्य मध्यमवर्गीय शहरों की तुलना में दतिया जिले में जहां कोरोना संक्रमित भी कम हुए हैं, वहीं रिकवरी रेट भी मानक के अनुसार 95 प्रतिशत आता गया । जो स्वास्थ्य अमले के लिए एक बड़ी राहत वाली बात है। कोरोना से अब तक कुल 12 लोगों की मौत स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हुई है। जबकि अन्य दूसरे शहरों में कोरोना से मौत की वृद्धि तुलनात्मक रूप से अधिक है।
इस बारे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एसएन उदयपुरिया के मुताबिक जिले में मरीजों कोरोना के मरीजों की संख्या कम हुई है। यह बात ठीक है, किंतु स्वास्थ्य विभाग के लिए जब तक यह रिकवरी रेट सौ फीसद नहीं हो जाता तब तक कुछ भी कहना मुश्किल है। कभी-कभी मरीज बढ़ भी जाते हैं। यह सही है कि हम अन्य जिलों की तुलना में बेहतर है। बेहतर रिकवरी रेट के लिए सर्तकता बहुत ही जरूरी है।

