ऑपरेशन सिंदूर पर बनी स्मारक पुस्तक का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया विमोचन : आधुनिक युद्ध के मानवीय पक्ष को दर्शाती है पुस्तक

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित एक विशेष स्मारक पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक में ऑपरेशन में शामिल अधिकारियों, सैनिकों, नौसैनिकों और वायुसेना कर्मियों के व्यक्तिगत अनुभवों को संकलित किया गया है। प्रकाशन में करीब 100 सैन्य कर्मियों के अनुभव शामिल किए गए हैं, जिन्होंने इस अभियान में प्रत्यक्ष भूमिका निभाई थी।

रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह पुस्तक केवल सैन्य अभियान का दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए समर्पित जवानों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान को समर्पित श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि लोगों को इस पुस्तक से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए किए गए त्याग को समझना चाहिए।

“आधुनिक युद्ध के मानवीय पक्ष को दर्शाती है पुस्तक” : राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत के लिए बड़ी रणनीतिक सफलता बताते हुए कहा कि इस अभियान ने दिखाया कि मजबूत नेतृत्व, त्वरित निर्णय क्षमता और सैनिकों का साहस किसी भी रणनीति को सफलता में बदल सकता है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध पारंपरिक सैन्य अभियानों से अलग था और इसमें आधुनिक तकनीक के साथ मानवीय संवेदनाओं की भी बड़ी भूमिका रही।

उन्होंने कहा कि आमतौर पर युद्ध संबंधी दस्तावेजों में मुख्यालय स्तर के फैसलों और रणनीतियों को प्रमुखता मिलती है, लेकिन यह पुस्तक उन सैनिकों के अनुभवों को सामने लाती है, जो वास्तविक मोर्चे पर डटे रहे। इसमें सीमा पर तैनात जवानों, ड्रोन हमलों को निष्क्रिय करने वाले रक्षा कर्मियों, लड़ाकू विमान उड़ाने वाले पायलटों और नौसेना के जवानों के अनुभव शामिल किए गए हैं।

तीनों सेनाओं के अनुभवों का संकलन : पुस्तक में सेना, नौसेना और वायुसेना के साथ-साथ एकीकृत रक्षा स्टाफ, विशेष बलों, मिसाइल यूनिट, सिग्नल और लॉजिस्टिक टीमों, चिकित्सा अधिकारियों और अन्य संयुक्त सैन्य संगठनों के अनुभव भी शामिल किए गए हैं।

इस स्मारक पुस्तक का संकलन प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान के मार्गदर्शन में किया गया है। इसके प्रकाशन में यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया ने सहयोग दिया है।

कार्यक्रम में मौजूद रहे सेना के वरिष्ठ अधिकारी : नई दिल्ली में आयोजित विमोचन समारोह में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल एपी सिंह सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई और अभियान में शामिल जवानों के योगदान को याद किया गया।

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