नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित आक्सीजन आडिट समिति की रिपोर्ट को लेकर भाजपा ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी प्रवक्ता डा. संबित पात्रा ने कहा कि आडिट टीम की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली सरकार ने जरूरत से चार गुना ज्यादा आक्सीजन की मांग की थी।
इस झूठ की वजह से उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित 12 राज्यों में जहां कोरोना के मामले ज्यादा थे आक्सीजन आपूर्ति प्रभावित हुई और कई मरीजों की जान चली गई। पूरी उम्मीद है कि इस आपराधिक लापरवाही के लिए सुप्रीम कोर्ट केजरीवाल सरकार को दंडित करेगा। भाजपा पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलाने के लिए संघर्ष करेगी।
संबित पात्रा ने प्रेस वार्ता कर आडिट कमेटी की रिपोर्ट के बारे विस्तार से बताया। कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में अपनी नाकामी छिपाने और नरेंद्र मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए आक्सीजन पर जिस तरह की ओछी राजनीति अरविंद केजरीवाल व उनकी सरकार ने की है उसका पर्दाफाश हो गया है।
केजरीवाल सरकार ने एक दिन 1140 मीट्रिक टन आक्सीजन की मांग की, जबकि वास्तविक जरूरत 209 मीट्रिक टन की थी। शेष आक्सीजन का उपयोग नहीं हुआ। यदि यह आक्सीजन दूसरे राज्यों को मिलती तो कई लोगों की जान बच सकती थी।
उन्होंने कहा कि तीन मई को मुंबई और दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या बराबर थी। उस दिन मुंबई में 275 मीट्रिक टन आक्सीजन की आवश्यकता थी और दिल्ली ने नौ सौ मीट्रिक टन की मांग की थी।
राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोला कि उसने आइसीएमआर के दिशा निर्देश के अनुसार आक्सीजन की मांग की थी। आडिट समिति ने जब इससे संबंधित दस्तावेज मांगे तो वह उपलब्ध कराने में असफल रही।
संबित पात्रा ने कहा कि छह मई को मुख्यमंत्री सात सौ मीट्रिक टन आक्सीजन जरूरत बताते हैं। अगले दिन उनकी पार्टी के विधायक राघव चड्ढा प्रेस वार्ता कर 976 मीट्रिक टन की मांग करते हैं। इससे पता चलता है कि दिल्ली सरकार किस तरह की साजिश कर रही थी।
बेनकाब होने के डर से सात मई को सुप्रीम कोर्ट के आक्सीजन आडिट की बात का केजरीवाल सरकार ने विरोध किया। नौ मई को कोर्ट ने आडिट समिति गठित कर दी तो तीन दिन बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने घोषणा कर दी कि दिल्ली के पास जरूरत से ज्यादा आक्सीजन है।
इस सरकार की लापरवाही से दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल व बत्रा अस्पताल में आक्सीजन की कमी के कारण कई लोगों की जान चली गई थी। केजरीवाल को अनाथ हुए बच्चों को जवाब देना चाहिए।
पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो) की रिपोर्ट कहती है कि दिल्ली में आक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति हो रही थी, लेकिन दिल्ली सरकार ने आक्सीजन वितरण का प्रबंधन नहीं किया।
टीकाकरण पर भी घेरा भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आक्सीजन के बाद अब टीकाकरण को लेकर दिल्ली सरकार झूठ बोल रही है। टीके की खुराक उपलब्ध होने के बावजूद लोगों को टीका नहीं लग रहा है। इससे समझा जा सकता है कि यह सरकार राशन को लेकर कितनी बड़ी झूठ बोल रही होगी।


