धार में बनेगा भव्य ‘सरस्वती लोक’ : राजा भोज शोध संस्थान की भी तैयारी , सीएम ने विकास परियोजनाओं और सहायता राशि का किया ऐलान

धार |  गंगा दशहरा के अवसर पर धार पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि भोजशाला परिसर के आसपास भविष्य में भव्य ‘सरस्वती लोक’ विकसित किया जाएगा और राजा भोज के इतिहास, ज्ञान परंपरा व शोध कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार केवल ऐतिहासिक महत्व का क्षेत्र नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कृति और जल प्रबंधन की प्राचीन विरासत का भी प्रतीक रहा है। राज्य सरकार इस विरासत को संरक्षित करने के साथ विकास कार्यों को गति देने की दिशा में काम करेगी।

88 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात : कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले में 88 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें सड़क और पुल निर्माण समेत कई बुनियादी परियोजनाएं शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन कार्यों से क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।

भोजशाला आंदोलन से जुड़े परिवारों को आर्थिक सहायता : मुख्यमंत्री ने भोजशाला से जुड़े आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले तीन लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। कार्यक्रम में उनके सम्मान में श्रद्धांजलि भी दी गई।

जल संरक्षण पर दिया जोर : मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चल रहा जल संरक्षण अभियान बड़े स्तर पर आगे बढ़ रहा है और लाखों संरचनाओं के निर्माण व पुनर्जीवन का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जल संरक्षण गतिविधियों में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है।

धार जिले में भी तालाबों, बावड़ियों और जल स्रोतों के संरक्षण का काम जारी है। मुख्यमंत्री ने राजा भोज को जल प्रबंधन की ऐतिहासिक सोच से जोड़ते हुए कहा कि उनकी विरासत आज भी प्रेरणा देती है।

धार में विकास और विरासत संरक्षण साथ-साथ : मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि आने वाले समय में धार के आसपास पर्यटन, सांस्कृतिक संरक्षण और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक महत्व वाले क्षेत्रों को संरक्षित करते हुए विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

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