लाडोरतन मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल में लगा मधुमेह रिवर्सल शिविर, 70 मरीजों का परीक्षण किया गया

इंसुलिन रेजिस्टेंस से होता है मधुमेह, नियमित व्यायाम से रिवर्सल संभव- डॉ. हेमंत जैन

दतिया । आज के इस भागदौड़ वाले जीवन में लोग गलत खानपान को अपना रहे हैं, वहीं उनकी व्यायाम से दूरी बढ़ती जा रही है। इससे शरीर में ही नहीं शरीर के अंगों के आसपास चर्बी का जमाव हो जाता है। जिसके कारण इन्सुलिन नामक हार्मोन को रक्त शर्करा का पाचन करने में परेशानी आने लगती है। जिसे इन्सुलिन रैजिस्टेंस कहते हैं। इसके कारण रक्त शर्करा का स्तर बढ़ने लगता है और नियंत्रण में नहीं आता है । यह व्यक्ति को टाइप 2 डायबिटीज यानी मधुमेह का शिकार बना लेता है।

यह स्वास्थ्य संबंधी खास जानकारी डॉ. हेमंत जैन द्वारा लाडो रतन चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित मधुमेह रिवर्सल शिविर के दौरान दी गई। शिविर में डॉ. हेमंत कुमार जैन ने मरीजों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। डॉ. हेमंत जैन ने मरीजों को बताया कि मधुमेह पर विजय सही खानपान और नियमित व्यायाम से ही संभव है। शिविर के दौरान रक्तचाप, रक्त शर्करा और एचबीए1सी की जांच निशुल्क की गई।

लाडो रतन मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल के संचालक रोहित अग्रवाल (रामू) ने शिविर में कहाकि आगे भी निशुल्क परामर्श शिविर दतिया की जनता के लिए आयोजित कराए जाते रहेंगे। ताकि लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। शिविर का आयोजन लाडो रतन मल्टीस्पेसिलिटी हॉस्पिटल में किया गया। जिसमें करीब 70 मरीजों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस शिविर में लगभग 90 प्रतिशत मरीजों का रक्त ग्लूकोस लेवल अनियंत्रित मिला।

शिविर में ग्वालियर से आए डायबिटीज रिवर्सल क्लिनिक के संचालक डा.मुकेश गुप्ता ने मरीजों को बताया कि इसके लिए गलत खानपान और आरामदायक जीवन शैली मुख्यतः जिम्मेदार है और इन चीजों पर नियंत्रण करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नई दवाओं से नियंत्रण सम्भव है। इस दौरान मरीजों को निशुल्क परामर्श दिया गया।

 

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