भोपाल | दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद संगठन में उठे सियासी घटनाक्रम के बीच पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी है।
मंगलवार को भाजपा प्रदेश संगठन ने उपचुनाव के परिणामों की समीक्षा के बाद दतिया की पूरी जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया था। इसके अगले ही दिन डॉ. मिश्रा ने अपने और भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी के संबंधों को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश करते हुए कहा कि दोनों के बीच किसी प्रकार की कटुता नहीं है और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही बातें पूरी तरह भ्रामक एवं निराधार हैं।
“आशुतोष मेरे अनुज हैं, 25 वर्षों का पारिवारिक रिश्ता” : डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपने संदेश में कहा कि आशुतोष तिवारी उनके अनुज हैं और पिछले 25 वर्षों से दोनों के बीच पारिवारिक संबंध हैं। उन्होंने कहा कि उनके मन में हमेशा आशुतोष के प्रति स्नेह और आत्मीयता रही है तथा आगे भी बनी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों के बीच न कभी कोई मतभेद था और न ही आज है। हाल ही में हुई मुलाकात भी हमेशा की तरह आत्मीय माहौल में हुई।
“आशुतोष मेहनती और समर्पित कार्यकर्ता हैं” : पूर्व गृहमंत्री ने अपने संदेश में आशुतोष तिवारी की कार्यशैली की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 से वे उन्हें एक ईमानदार, कर्मठ और समर्पित भाजपा कार्यकर्ता के रूप में देखते आए हैं। वर्षों से उनके कार्य को करीब से देखा है और उन्हें विश्वास है कि आशुतोष भविष्य में भी संगठन और जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि चुनाव परिणाम के बाद आशुतोष तिवारी ने किसी व्यक्ति विशेष का नाम लेकर नाराजगी व्यक्त नहीं की, जो सभी कार्यकर्ताओं के प्रति उनके सम्मान का परिचायक है।
कार्यकर्ताओं से की संयम बरतने की अपील : डॉ. मिश्रा ने अपने समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर ऐसी कोई टिप्पणी या गतिविधि न करें, जिससे पार्टी, संगठन या आशुतोष तिवारी को किसी प्रकार की क्षति पहुंचे।
उन्होंने कहा कि भाजपा की असली ताकत उसकी एकजुटता, अनुशासन और संस्कार हैं तथा इन्हीं मूल्यों के साथ सभी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ना चाहिए।
हार के बाद संगठन में शुरू हुआ मंथन : गौरतलब है कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद प्रदेश संगठन ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए जिलाध्यक्ष सहित पूरी जिला कार्यकारिणी, मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागों की मौजूदा संगठनात्मक इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया।
इससे पहले मुख्यमंत्री आवास पर हुई समीक्षा बैठक में चुनावी हार, संगठनात्मक गतिविधियों और कथित भितरघात से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई थी। इसी बीच डॉ. नरोत्तम मिश्रा का यह सार्वजनिक संदेश सामने आने के बाद दतिया की राजनीतिक हलचल एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।

