नई दिल्ली/मंगलुरु। मादक पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) को बड़ी कामयाबी मिली है। डीआरआई की मंगलुरु क्षेत्रीय इकाई ने एक खुफिया इनपुट के आधार पर दिल्ली से बेंगलुरु जा रही ट्रेन में सवार एक यात्री को पकड़कर उसके पास से 5.753 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला क्रिस्टलीय मेथामफेटामाइन (क्रिस्टल मेथ/आइस) जब्त किया है।
अधिकारियों ने एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत प्रतिबंधित ड्रग्स को जब्त करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अदालत में पेश करने के बाद सक्षम एनडीपीएस कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
ट्रॉली बैग की तलाशी में मिले तीन संदिग्ध पैकेट : खुफिया सूचना के आधार पर 8 और 9 अक्टूबर के दौरान चलाए गए इस ऑपरेशन में अधिकारियों ने ट्रेन में संदिग्ध यात्री को चिन्हित किया:
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गहन तलाशी: यात्री के ट्रॉली बैग की जांच करने पर तीन सीलबंद पैकेट बरामद हुए, जिनमें सफेद रंग का क्रिस्टलीय पदार्थ भरा हुआ था।
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पहचान: फील्ड टेस्टिंग किट और प्राथमिक जांच में यह पदार्थ मेथामफेटामाइन पाया गया, जिसका कुल वजन 5.753 किलोग्राम दर्ज किया गया।
वाणिज्यिक सीमा से 115 गुना अधिक खेप: 20 साल तक की जेल का प्रावधान : बरामद की गई ड्रग्स की मात्रा बेहद संवेदनशील और कानूनी रूप से गंभीर श्रेणी में आती है:
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वाणिज्यिक मात्रा (Commercial Quantity): कानून के तहत 50 ग्राम या उससे अधिक मेथामफेटामाइन को ‘कमर्शियल क्वांटिटी’ माना जाता है। जब्त की गई मात्रा निर्धारित सीमा से 115 गुना से भी ज्यादा है।
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कड़े दंड के प्रावधान: एनडीपीएस एक्ट के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ रखने, परिवहन करने या तस्करी करने पर दोषी पाए जाने पर 10 से 20 वर्ष तक के कठोर कारावास और 1 लाख से 2 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
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सेहत पर गंभीर खतरा: क्रिस्टल मेथ एक अत्यधिक नशीला सिंथेटिक उत्तेजक पदार्थ है, जो सीधा केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) पर असर डालता है और इसके सेवन से गंभीर मानसिक व शारीरिक क्षति होती है।
डीआरआई ने स्पष्ट किया है कि संगठित ड्रग सिंडिकेट्स और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने के लिए गहन जांच जारी है।

