पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा सडक़ों पर बर्मों के पुन : निर्माण के लिए राज्य भर में विशेष मुहिम की शुरूआत

चण्डीगढ़ :  राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित बनाने के उद्देश्य से पंजाब मंडी बोर्ड ने गेहूँ की कटाई के सीजन के बाद किसानों और सम्बन्धित जि़ला प्रशासन के सहयोग से राज्य भर में ग्रामीण लिंक सडक़ों के किनारों पर बर्मों (कच्चे किनारे) के पुन: निर्माण के लिए एक विशेष मुहिम शुरू की है।

इस मुहिम के अंतर्गत अब तक करीब 2500 किलोमीटर लिंक सडक़ों को कवर किया जा चुका है। गौरतलब है कि सडक़ की बर्में ना होने के कारण कई हादसे होने के अलावा नई बनी सडक़ों को भी नुकसान पहुँचा है। कई लिंक सडक़ों के साथ बर्में ना होने के कारण राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, क्योंकि इससे ग्रामीण लिंक सडक़ें तंग हो गई हैं, जिस कारण उनको भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन सरवजीत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने लोगों की सुविधा और सडक़ हादसों को कम करने के लिए कई प्रयास करने पर विशेष ज़ोर दिया है। उन्होंने कहा कि इसके हिस्से के तौर पर मंडी बोर्ड ने लिंक सडक़ों के दोनों ओर बर्मों के पुन: निर्माण के लिए एक विशाल मुहिम शुरू करके इस विशेष पहल का नेतृत्व किया है।

चेयरमैन ने कहा कि किसान भी लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने के लिए इस नेक प्रयास के लिए अधिकारियों को दिल से सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने आशा अभिव्यक्त की कि यह कदम तंग लिंक सडक़ों के कारण घट रहे सडक़ हादसों की घटनाओं को घटाने में सहायक सिद्ध होगा, जिससे कई कीमती जानें बच जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्धी ज़्यादातर काम धान के बिजाई सीजन के शुरू होने से पहले मुकम्मल होने की संभावना है।

चेयरमैन के दिशा-निर्देशों पर मंडी बोर्ड के सचिव रवि भगत ने रोड बर्मों के निर्माण के लिए फील्ड इंजीनियरों को विस्तारपूर्वक हिदायतें जारी कीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में कोई भी ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रवि भगत ने कहा कि हरेक अधिकारी को अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा एवं मेहनत से निभानी चाहिए, जिससे काम को समयबद्ध और परिणाममुखी ढंग से पूरा किया जा सके।

इस अनुसार फील्ड इंजीनियरों ने सडक़ के बर्मों के निर्माण और बर्मों पर मिट्टी भरने का कार्य आरंभ किया गया है। गेहूँ की कटाई के बाद खाली पड़ी खेती वाली ज़मीन में से मिट्टी लाकर काम को आधुनिक मशीनी ढंग से पूरा किया जा रहा है। यह मशीनी विधि यह भी सुनिश्चित बनाती है कि कृषि योग्य भूमि का स्तर खऱाब ना हो।

यह सारा काम फील्ड इंजीनियरों द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक जि़म्मेदारी (सी.एस.आर.) के अंतर्गत निर्माण एजेंसियों के साथ तालमेल के ज़रिये किया जा रहा है। जि़क्रयोग्य है कि ओवरटेक करते समय भारी वाहन कच्चे बर्मों से गुजऱते हैं, जिससे बर्मों का नुकसान होता है और बर्मों से मिट्टी हटती रहती है।

बर्मों से कम चौड़ाई वाली सडक़ों को जल्द नुक्सान पहुंचता है, कृषि वाली ज़मीन से सडक़ों की निचली सतह में पानी दाखि़ल होता है, जिससे सडक़ की परत को नुकसान होता है। इस कारण वाहनों को ओवरटेक करते समय सडक़ हादसे भी होते हैं।

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