नशामुक्त व्यक्ति समाज में पाता है प्रतिष्ठा : न्यायाधीश खटीक, कैंसर दिवस पर हुआ आयोजन

दतिया । नशा कैंसर का एक प्रमुख कारण है, चाहे वह गुटका से हो या अल्कोहल के पीने से। नशा करने वाला व्यक्ति अपने जीवन को मौत के मुंह में तो ले जाता ही है, साथ ही सामाजिक प्रतिष्ठा भी खो देता है। उक्त विचार अपर न्यायधीश दिनेश कुमार खटीक ने विश्व कैंसर दिवस पर समर्पण नशा मुक्ति केंद्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहीं ।

उन्होंने कहाकि सामाजिक न्याय द्वारा चलाया जा रहा नशा मुक्त भारत, नशा मुक्त दतिया एक अच्छी पहल है। उन्होंने इस अवसर पर विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा न्याय के लिए सहायता के विषय में भी महत्त्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा सभी का मिलकर नशा मुक्ति के लिए सहभागिता निभानी होगी। तभी समाज में जागरुकता दिखाई देगी। न्यायाधीश खटीक ने कहाकि विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से लोगों को न्याय मिलने में काफी सहायता मिल सकती है। इसके लिए लोगों को आगे आना चाहिए।

कार्यक्रम में दंत चिकित्सक विभाग प्रमुख डा.लक्ष्मण सिंह केस ने मुंह के कैंसर के कारण और बचाओ पर प्रभावशाली जानकारी दी और कहाकि केंसर के प्रति जागरूकता ही उसका निदान है। जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी धनंजय मिश्रा ने कहाकि हमें संकल्प लेकर उसे पूरा भी करना होगा। जागरुकता हर व्यक्ति को सचेत करती है, समाज में हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को घातक लत से बचाने के लिए प्रयास करें।

कार्यक्रम में अरुण सिद्ध ने अपनी कविताओं के चुटीले अंदाज में नशा एवं कैंसर के प्रति महत्त्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन विनोद मिश्र सामाजिक न्याय विभाग द्वारा एवं आभार संजय भार्गव ने व्यक्त किया। नशा मुक्त भारत की शपथ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

 

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