नई दिल्ली | केंद्र सरकार की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS 5.0) के तहत कारोबारों को राहत देने की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। योजना के शुरुआती चरण में ही 4.11 लाख से अधिक गारंटी जारी की जा चुकी हैं, जबकि कुल गारंटी राशि 1.55 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य व्यवसायों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को नकदी संकट से उबारना और कारोबार को गति देना है।
MSME को सबसे अधिक मिला फायदा : सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जारी की गई कुल गारंटियों में करीब 98 प्रतिशत लाभार्थी MSME श्रेणी से जुड़े हैं। वहीं कुल गारंटी राशि का लगभग 82 प्रतिशत हिस्सा भी इसी सेक्टर को मिला है। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को अतिरिक्त ऋण प्राप्त करने में सहायता मिली है, जिससे उनके संचालन और विस्तार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
100% तक गारंटी से बढ़ा बैंकों का भरोसा : ECLGS 5.0 के तहत MSME को दिए जाने वाले अतिरिक्त ऋण पर 100 प्रतिशत तक सरकारी गारंटी उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए 90 प्रतिशत गारंटी का प्रावधान है। इससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों का जोखिम कम हुआ है और वे पात्र व्यवसायों को अधिक भरोसे के साथ ऋण उपलब्ध करा पा रहे हैं।
देशभर में चलाया जा रहा जागरूकता अभियान : योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र उद्यमों तक पहुंचे, इसके लिए वित्तीय सेवा विभाग (DFS) देशभर में जागरूकता अभियान भी चला रहा है। पहले चरण में विभिन्न राज्यों के 9 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि दूसरे चरण के तहत 10 स्थानों पर अभियान जारी है। इन कार्यक्रमों में बैंक, उद्योग संगठन और अन्य संबंधित संस्थाएं भी भाग ले रही हैं।

