नई दिल्ली : वर्ष 2026 के आम चुनाव और उपचुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त बनाने के लिए चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाए हैं। 15 मार्च 2026 को असम, केरल, पुद्दुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद से ही आयोग लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में निर्वाचन आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता (MCC) का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
865 करोड़ से अधिक की जब्ती, सख्ती का दिखा असर :
चुनाव प्रक्रिया के दौरान अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए 26 फरवरी 2026 से 17 अप्रैल 2026 तक बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई। इस दौरान तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में कुल मिलाकर 865 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, शराब, मादक पदार्थ, कीमती धातुएं और मुफ्त उपहार जब्त किए गए।
पश्चिम बंगाल में 427 करोड़ रुपये और तमिलनाडु में 438 करोड़ रुपये की जब्ती दर्ज की गई, जो चुनावी सख्ती और निगरानी की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
फ्लाइंग स्क्वाड और निगरानी टीमें सक्रिय : चुनाव को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए दोनों राज्यों में हजारों की संख्या में टीमें तैनात की गई हैं। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 5,000 से अधिक फ्लाइंग स्क्वाड टीमें (FST) सक्रिय हैं, जो शिकायत मिलने के 100 मिनट के भीतर कार्रवाई कर रही हैं। इसके अलावा 5,300 से अधिक स्थैतिक निगरानी टीमें (SST) भी विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं, जो अचानक जांच और नाकेबंदी के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
हिंसा-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त चुनाव पर फोकस : आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ कई उच्चस्तरीय बैठकें कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह हिंसा-मुक्त, भय-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त होनी चाहिए। इसके लिए प्रशासनिक और प्रवर्तन एजेंसियों को सतर्क रहकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
आम जनता को नहीं हो परेशानी, शिकायत का भी प्रबंध :
निर्वाचन आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जांच और सख्ती के दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। शिकायतों के समाधान के लिए जिला स्तर पर शिकायत समितियां गठित की गई हैं। साथ ही नागरिक और राजनीतिक दल ‘C-VIGIL’ ऐप के माध्यम से भी आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
निष्पक्ष चुनाव के लिए मजबूत तंत्र : चुनाव आयोग की यह सख्ती दर्शाती है कि 2026 के चुनावों को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराने के लिए हर स्तर पर मजबूत निगरानी तंत्र तैयार किया गया है। लगातार हो रही जब्ती और कार्रवाई से यह साफ है कि किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

