Datia News : दतिया । पूरे जिले में अघोषित विद्युत कटौती बेतहाशा की जा रही है। दिन हो या रात ट्रिपिंग 5 से 7 घंटे तक बिजली जाना सामान्य बात हो गई है। कभी भी अापूर्ति बंद होने से शहरवासियों को रतजगा तक करना पड़ रहा है। पिछले एक सप्ताह से दिन के साथ रात में भी ट्रिपिंग व फाल्ट काफी बढ़ गए हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि ट्रिपिंग का अधिकारिक डेटा विद्युत वितरण कंपनी पूछने पर भी नहीं बता रही है। इस परेशानी से बिजली उपभोक्ता रोज रूबरू हो रहे है। हद तो तब हो जाती है जब गृहमंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा के कार्यक्रमों के दौरान भी बिजली खूब आ-जा रही है। इससे विद्युत कंपनी को कोई फर्क भी नहीं पड़ रहा है।
एक ओर जहां बिजली कटौती के कारण अब शहर में जल संकट गहराने लगा है, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों का बिजली कटौती के कारण जीना दूभर हो गया है। बढ़ते तापमान और उमस के कारण वैसे भी लोग परेशान हैं। इसके ऊपर से बिजली नहीं रहने लोगों के बुरे हाल हैं।
अनेक घरों में छोटे बच्चे जो बगैर पंखे कूलर के नहीं रह सकते है वह भी गर्मी में परेशान हो रहे हैं। कई दुकानदार इनवर्टर और जनरेटर का उपयोग कर अपना काम चला रहे हैं, इससे इस महंगाई में उनका खर्च दोगुना हो गया है।
विद्युत वितरण कंपनी बारिश शुरू होने के बावजूद भी पिछले दो-तीन दिनों में लगातार अघोषित कटौती कर रही है। सोमवार को दिन में लगभग 6 से 7 बार अलग-अलग समय बिजली गुल हुई। शिकायत करने पर सिर्फ यह कहा जाता है कि ट्रिपिंग हो गई है। पांच या सात मिनट में आ जाएगी। इस तरह लगभग 20 से 30 मिनट तक जाने वाली बिजली का दौर यदि दिनभर गिना जाए तो लगभग 4 से 5 घंटे बिजली 24 घंटे में जा रही है।
जिले में बिजली की अघोषित कटौती ने लोगों को परेशान कर रखा है। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कभी भी अापूर्ति बंद होने से लोगों को रात भर जागकर काटना पड़ रही है। शहर के औद्योगिक क्षेत्र सब स्टेशन फाल्ट व ट्रिपिंग का हाॅट स्पाट बन गए है। जबकि सबसे ज्यादा राजस्व औद्योगिक क्षेत्र से मिलता है।
अंगूरी बैराज क्षेत्र में बिजली ठप रहने से शहर में जल संकट भी गहराता जा रहा है। जून में गर्मी बढ़ने के कारण फाल्ट व ट्रिपिंग बढ़ गए थे। इसके साथ ही लो बोल्टेज की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा था। पिछले तीन दिनों से तापमान में गिरावट अा गई। जिससे लोड कम हुआ है। लेकिन इसके बावजूद लाइट जाने में कोई कमी नहीं आई है।
सोमवार को बारिश के दौरान पांच से सात बार बिजली ट्रिपिंग की वजह से बिजली गुल होती रही। तिगैलिया, राजगढ़ चौराहा, सिविल लाइन तथा झांसी चुंगी नाका क्षेत्र में बिजली गुल होती रही है। रात 11 बजे अापूर्ति बंद होने पर लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी रही।
पूरी मानसून मेंटेनेंस से भी फायदा नहीं
बिजली कंपनी पूरी साल मेटेनेंस करती है, लेकिन उससे भी फायदा नहीं है। प्री मानसून मेंटेनेंस मई माह में प्रारंभ किया गया था, जो अब तक पूरा नहीं हो पाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो कई स्थानों पर बिल जमा होने के बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं लगाए गए है। कई क्षेत्रों में लाइनों पर पेड़ों की डालें चढ़ी हुई हैं और तेज हवा के दौरान इनसे विद्युत लाइनों के टूटने का खतरा रहता है, पेड़ की डाल टकराने से लाइट आती जाती रहती है। कई विद्युत पोल पर जंपर टाइट नहीं है। वितरण ट्रांसफार्मरों को अाॅयल चैक नहीं किए गए।
वरिष्ठ अधिकारी भी कर चुके हैं कटौती की पूछतांछ
जिले में जिस तरीके से विद्युत कटौती हो रही है उसे लेकर कलेक्टर, नगर पालिका परिषद सहित अन्य अधिकारी भी विद्युत कंपनी से इसकी पूछतांछ कर चुके हैं। विद्युत कंपनी मासूम सा जवाब लाइन फाल्ट या ट्रिपिंग का हवाला दे देती है।
इसके साथ ही गर्मी में लोड बढ़ने के कारण लोड सेटिंग की समस्या भी बता देती है। विगत रविवार को गृहमंत्री एक कार्यक्रम में थे और सर्किट हाउस वीआईपी जोन में भी लाइट चली गई तो उन्होंने अपना संबोधन बंद कर कार्यक्रम को समाप्त कर दिया।
जलापूर्ति भी हो रही है प्रभावित
दतिया नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर अधिकारी अनिल कुमार दुबे ने बताया कि विद्युत कटौती के कारण जल प्रदाय बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। यह सही है कि जल संकट के कारण लोग परेशान हैं। विद्युत वितरण कंपनी के सभी अधिकारियों को प्रतिदिन पत्र और फोन से सूचित किया जा रहा है।
इसके बाद भी विद्युत आपूर्ति ठीक से नहीं हो पा रही है। इस कारण जल संकट गहराया हुआ है। वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी पर्याप्त नहीं है। रामसागर को भी नहर से जोड़कर पानी रि्फलिंग का कार्य कर रहे हैं, परंतु वह भी विद्युत आपूर्ति पर ही निर्भर करता है।
इस मामले में विद्युत वितरण कंपनी दतिया के उप महाप्रबंधक ए.पी.एस भदोरिया का कहना है कि स्थानीय स्तर पर हमने विद्युत फाल्ट व ट्रिपिंग के समस्या को हल करने के प्रयास किए हैं। मेटनेंस भी जारी है। तेज हवाओं और बारिश में इस तरह की समस्याएं उत्पन्न होती है, परंतु उपभोक्ताओं को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। हमारा स्टाफ 24 घंटे काम पर लगा हुआ है।


