दतिया । चिरुला थाना क्षेत्र के फुलरा रोड पर गुरुवार को मिला गला कटा शव शुरुआत में पुलिस के लिए एक बड़ी पहेली बन गया था। सुनसान इलाके में पड़े शव की हालत देखकर साफ था कि हत्या मौके पर नहीं, बल्कि कहीं और की गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही था कि मृतक कौन है, हत्या किसने की और वारदात को कहां अंजाम दिया गया।
पुलिस के सामने दोहरी चुनौती थी—पहले पहचान स्थापित करना और फिर हत्यारों तक पहुंचना। करीब 72 घंटे तक चली लगातार पड़ताल, तकनीकी साक्ष्यों की जांच और संदिग्ध लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में सफलता हासिल की है।
जांच में सामने आया कि मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, पति की शराब की लत और पैसों को लेकर रोजाना होने वाले झगड़ों से पत्नी परेशान थी। आरोप है कि इसी तनाव के चलते उसने अपने एक परिचित के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
बताया जा रहा है कि धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गई और बाद में शव को कार में रखकर फुलरा रोड किनारे फेंक दिया गया, ताकि शक किसी और दिशा में जाए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 72 घंटे के भीतर पत्नी और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
ऐसे हुई शव की पहचान : मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मृतक की पहचान के लिए इंटरनेट मीडिया पर फोटो जारी किए और आसपास के जिलों व अन्य राज्यों के कंट्रोल रूम को सूचना भेजी। इसी दौरान अर्रोली निवासी मोनू राणा ने शव की पहचान अपने चाचा कल्याण पुत्र रामस्वरूप राणा, निवासी अर्रोली थाना उटीला जिला ग्वालियर के रूप में की।
पहचान होते ही पुलिस ने मृतक के पारिवारिक और सामाजिक दायरे की पड़ताल शुरू की। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी जांच में कुछ संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं, जिसके आधार पर पुलिस ने पूछताछ का दायरा सीमित किया।
पीएम रिपोर्ट में खुलासा : चिरुला थाना प्रभारी नितिन भार्गव के मुताबिक, 39 वर्षीय कल्याण सिंह जाट की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि हत्या धारदार हथियार से गला रेतकर की गई। प्रारंभिक जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि हत्या फुलरा रोड पर नहीं, बल्कि किसी अन्य स्थान पर हुई थी। सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को सुनसान इलाके में फेंका गया।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी हेमलता और उसके परिचित अमित सूरी निवासी शिंदे की छावनी, ग्वालियर को हिरासत में लिया। पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पारिवारिक विवाद बना वजह : पुलिस के अनुसार, कल्याण सिंह और हेमलता का वर्ष 2015 में प्रेम विवाह हुआ था। यह हेमलता की दूसरी शादी थी। पहली शादी से उसके दो बच्चे हैं और पहले पति की मृत्यु के बाद उसे शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। कल्याण और हेमलता की कोई संतान नहीं थी।
जांच में सामने आया कि मृतक शराब पीने का आदी था और कथित रूप से पत्नी से पैसों की मांग को लेकर विवाद करता था। घटना वाले दिन 18 फरवरी को हेमलता अपने परिचित अमित सूरी के साथ डबरा में एक धार्मिक आयोजन में जा रही थी। पुलिस के अनुसार, उसने पति को भी बुलाया, जो नशे की हालत में वहां पहुंचा। इसी दौरान विवाद हुआ और बाद में हत्या की साजिश को अंजाम दिया गया।
कार और हथियार बरामद : पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कार और धारदार हथियार बरामद करने का दावा किया है। दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
इस वारदात ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी गईं, जिसके बाद हत्या का खुलासा संभव हो सका।


