दतिया (भांडेर)। जिले की भांडेर तहसील अंतर्गत ग्राम उड़ीना में त्रयोदशी के सामूहिक भोज के बाद फूड प्वाइजनिंग का बड़ा मामला सामने आया है। कार्यक्रम में परोसी गई मिठाई (रसगुल्ले) खाने के बाद गांव और आसपास के करीब 600 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रभावित ग्रामीणों को लगातार पेट दर्द, उल्टी, जी मिचलाना और तेज सिरदर्द की शिकायत होने लगी। मरीजों की संख्या बढ़ते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। प्राथमिक उपचार के बाद कुछ मरीजों को आवश्यकतानुसार भांडेर, इंदरगढ़ और जिला चिकित्सालय दतिया भेजा गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को उड़ीना गांव पहुंचकर मोर्चा संभाला और आपात चिकित्सा शिविर लगाकर बीमार ग्रामीणों की जांच व दवा वितरण शुरू किया।
शोक सभा के भोज में शामिल हुए थे ग्रामीण, रसगुल्ले खाते ही बिगड़ी तबीयत : जानकारी के अनुसार, उड़ीना निवासी तिलक सिंह यादव के पिता स्वर्गीय एदल सिंह पटेल के निधन पर 15 अक्टूबर को त्रयोदशी (गंगभोज) का आयोजन किया गया था:
● दूषित मावे की आशंका: भोज में शामिल ग्रामीणों को भोजन के साथ रसगुल्ले परोसे गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि मिठाई तैयार करने में इस्तेमाल किया गया खोया (मावा) संभवतः बासी या मिलावटी था, जिसके सेवन के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य सामग्री के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
● देर रात से दिखा असर: भोजन करने के कुछ घंटों बाद देर रात से ही लोगों को पेट में दर्द और उल्टियां शुरू हुईं। शनिवार तक प्रभावितों का आंकड़ा 600 के करीब पहुंच गया, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्वास्थ्य विभाग ने गांव में लगाया कैंप, स्थिति नियंत्रण में : मामले की गंभीरता को देखते हुए भांडेर बीएमओ डॉ. जयंत यादव के नेतृत्व में मेडिकल टीम आवश्यक दवाओं, ओआरएस और इंजेक्शनों के साथ गांव पहुंची। टीम ने गांव के स्कूल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में शिविर लगाकर सभी प्रभावितों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
भांडेर बीएमओ डॉ. जयंत यादव ने बताया कि ग्रामीणों को पेट दर्द, सिरदर्द और उल्टी की शिकायत हुई थी। सूचना मिलते ही गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर करीब 600 लोगों का उपचार किया गया है। जांच के दौरान किसी भी मरीज में गंभीर या चिंताजनक लक्षण नहीं मिले हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत स्थिर है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

