रेत खदान ठेकेदार केपीसिंह से जान का खतरा होने का वन रेंजर ने लगाया आरोप, मुख्य वन संरक्षक भेजा अपना त्यागपत्र

दतिया। सेवढ़ा अनुभाग के वन परिक्षेत्राधिकारी चंद्रशेखर श्रोत्रिय ने वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग न मिलने व मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर सेवा मुक्त करने के लिए त्याग पत्र स्वीकार करने संबंधी पत्र मुख्य वन संरक्षक, वन वृत्त ग्वालियर को भेजा है। वन संरक्षक को भेजे पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि इन दिनों सेवढ़ा में रेत का अवैध उत्खनन चरम पर है। लेकिन स्थानीय आधिकरियों का सहयोग न होने पर वन परिक्षेत्र में अवैध उत्खनन रोकने पर मेरी जान को खतरा बना हुआ है। श्रोत्रिय ने पत्र में कहा है कि मेरी जान को किसी प्रकार का खतरा होता है तो उसका जिम्मेदार विभाग रहेगा।

पत्र में उन्होंने आरोप लगाए हैं कि वन परिक्षेत्र सेवढ़ा के अंतर्गत रेत के ठेकेदार केपी सिंह भदौरिया ने दतिया जिले का रेत का ठेका लिया है। उक्त ठेकेदार द्वारा बिना स्वीकृति खदानों से भी बाहुबल दिखाकर सेवढ़ा क्षेत्र में रेत का उत्खनन किया जा रहा है। जिसमें वन क्षेत्र भी शामिल है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सहयोग नहीं दिए जाने से वह और उनका स्टाफ असहाय मूकदर्शक बना यह सब देखता रहता है।

वन परिक्षेत्र बीट बडेर बोल्डर उत्खनन के लिए संवेदनशील है। उस क्षेत्र की जांच वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा करवाई गई। जिसमें मुझे एवं मेरे स्टाफ को निर्दोष पाया गया। उसके बाद भी डीएफओ दतिया द्वारा कार्रवाई कर उन पर व स्टाफ के ऊपर लाखों रुपए की वसूली निकाल दी गई। उपरोक्त कार्रवाई से सभी मानसिक रूप से परेशान हैं। वह सहयोग प्राप्त ना होने के कारण शासकीय कार्य नहीं कर पा रहे है।

इन परिस्थितियों में रेत व खनिज का उत्खनन करने वाले अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। वन परिक्षेत्राधिकारी ने अपराधियों से जान का खतरा होने की बात कही है। पत्र में वरिष्ठ आधिकरियों से जानमाल की सुरक्षा को लेकर गुहार लगाई गई है।

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