भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री सहित मंत्रि-परिषद के सदस्य टैबलेट के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में शिक्षा, नगरीय विकास, ऊर्जा, सिंचाई, उद्योग और अधोसंरचना से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक तथा माध्यमिक शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना लागू करने का निर्णय लिया गया। योजना के अंतर्गत 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षकों को लाभ मिलेगा। इसके लिए कुल 322 करोड़ 34 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
द्वितीय चरण में 200 सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना
मंत्रि-परिषद द्वारा द्वितीय चरण में 200 सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना के लिए 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। प्रस्तावित विद्यालयों की क्षमता एक हजार से अधिक विद्यार्थियों की होगी।
उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना को मंजूरी : सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना के लिए 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा।
शहीद एएसआई के परिजनों को श्रद्धा निधि : जिला मऊगंज की घटना में दिवंगत सहायक उप निरीक्षक स्व. रामचरण गौतम के परिवार को 90 लाख रुपये की श्रद्धा निधि देने की स्वीकृति दी गई। इससे पूर्व 10 लाख रुपये की विशेष अनुग्रह राशि प्रदान की जा चुकी है।
व्यापार मेलों में ऑटोमोबाइल पर कर छूट : ग्वालियर व्यापार मेला-2026 एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला-2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया गया।
सोलर सह स्टोरेज परियोजनाओं को स्वीकृति
प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए तीन सोलर सह स्टोरेज प्रदाय परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं से पीक डिमांड के समय स्वच्छ, सस्ती और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ से अधिक स्वीकृति : राजगढ़ और रायसेन जिलों की विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं से हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी और बड़ी संख्या में कृषक परिवार लाभान्वित होंगे।
मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति-2026 लागू : राज्य में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति-2026 लागू करने का निर्णय लिया गया। नीति के तहत अगले पांच वर्षों में लगभग 1,000 करोड़ रुपये के निवेश और 8,000 रोजगार सृजन की संभावना है।


