चीन से फिर आने लगा सामान, चीनी आइटम के बहिष्कार की मुहिम हो रही ठंडी, 48.68 फीसद आयात में बढ़ा

नई दिल्ली । चीनी सामान के बहिष्कार की मुहिम ठंडी होने लगी है। घरेलू बाजार में चीन से आयात फिर बढ़ने लगा है। इस वर्ष जनवरी-मार्च अवधि में चीन से आयात 48.68 फीसद बढ़ा। वहीं इस साल मार्च में चीन से आयात पिछले वर्ष समान महीने के मुकाबले 137 फीसद बढ़ा है। फरवरी यह बढ़ोत्तरी पिछले वर्ष समान महीने के मुकाबले 42.17 फीसद और जनवरी में 10.95 फीसद रही थी। यह स्थिति तब है जब पिछले वर्ष कोरोना के दौरान चीन से आयात घटाने के लिए नीतिगत स्तर पर कई फैसले किए गए।

कारोबारियों ने चीन के सामान का बहिष्कार भी किया। हालांकि पिछले वर्ष अप्रैल से सितंबर तक चीन से आयात में गिरावट भी रही। लेकिन अक्टूबर से आयात बढ़ते-बढ़ते मार्च में 137 फीसद बढ़ गया। वाणिज्य सचिव ने बताया कि आयात पर निर्भरता घटाने के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआइ) स्कीम की जो घोषणा की गई है, उसका असर दिखने में डेढ़ से दो वर्षों का समय लगेगा।

उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स जैसी वस्तुओं के आयात में फर्क दिखने लगा है। सरकार ने दवा के कच्चे माल से लेकर एसी, एलईडी लाइट व इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स के उत्पादन पर पीएलआइ देने की घोषणा की है। इन वस्तुओं के लिए भारत मुख्य रूप से चीन पर निर्भर करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक अब भी कई चीजों में कच्चे माल के लिए भारत काफी हद तक चीन पर निर्भर करता है।

एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री के मुताबिक देश अपनी जरूरत का 85 फीसद मेडिकल डिवाइस आयात करता है। वहीं दवाओं के कच्चे माल के मामले में चीन पर निर्भरता पहले की तरह है। यही वजह है कि मार्च में चीन से फार्मा आयात एक वर्ष पहले के मुकाबले 230.98 फीसद बढ़ गया है। इलेक्टि्रकल्स मशीनरी पार्ट्स के आयात में पिछले साल मार्च के मुकाबले 133 और फुटवियर व संबंधित आइटम में 275 फीसद का इजाफा रहा है।

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter