अक्षय तृतीया से पहले सरकार अलर्ट : बाल विवाह रोकने सख्त तैयारी, अधिकारियों को दिया विशेष प्रशिक्षण

भोपाल : अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाहों पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने सक्रिय तैयारी शुरू कर दी है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इस दिशा में सख्त कदम उठाते हुए प्रदेशभर के बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों को विशेष ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया, ताकि किसी भी स्थिति में बाल विवाह की घटनाओं को रोका जा सके।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालनालय महिला एवं बाल विकास, भोपाल में आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों को कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जमीनी स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाना और सूचना मिलते ही तुरंत वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा।

विशेषज्ञों ने दी कानूनी और सामाजिक समझ : प्रशिक्षण में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से जुड़े वरिष्ठ सलाहकार एवं अधिवक्ता गुरमुख सिंह लाम्बा और यूनिसेफ मध्यप्रदेश के बाल संरक्षण अधिकारी गोविंद बेनीवाल ने अधिकारियों को विस्तार से मार्गदर्शन दिया। विशेषज्ञों ने ‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006’ के प्रावधानों को समझाते हुए बताया कि कानून के तहत किस प्रकार तत्काल कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने यह भी बताया कि बाल विवाह की सूचना मिलते ही कैसे निषेधाज्ञा जारी कराई जाए और यदि विवाह हो चुका हो तो उसे निरस्त कराने की प्रक्रिया क्या है। साथ ही पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर त्वरित कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया।

मैदानी चुनौतियों पर हुआ मंथन : कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने फील्ड में आने वाली समस्याओं और चुनौतियों को साझा किया, जिन पर विशेषज्ञों ने व्यावहारिक समाधान सुझाए। इससे अधिकारियों को वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

निगरानी तंत्र रहेगा पूरी तरह सक्रिय : महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि अक्षय तृतीया के दौरान निगरानी तंत्र को पूरी तरह सतर्क रखा जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी बाल विवाह की घटना को समय रहते रोका जा सके।

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