अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी, भारत में 440 स्पेस-टेक स्टार्टअप पंजीकृत

नई दिल्ली | भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों और स्टार्टअप की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। डीपीआईआईटी स्टार्ट-अप इंडिया पोर्टल के अनुसार, देश में लगभग 440 अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्टार्टअप पंजीकृत हैं। वहीं, भारतीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) ने विभिन्न अंतरिक्ष गतिविधियों के संचालन के लिए 52 गैर-सरकारी संस्थाओं (NGEs) को 113 प्राधिकरण प्रदान किए हैं। इनमें 18 स्टार्टअप शामिल हैं।

इन 18 स्टार्टअप में अग्निकुल कॉसमॉस, अक्षत एयरोस्पेस, अज़ीस्ता बीएसटी, बेलैट्रिक्स एयरोस्पेस, कॉस्मोसर्व स्पेस इंडिया, ध्रुवा स्पेस, दिगांतारा रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज, गैलेक्सीआई स्पेस सॉल्यूशंस, हैक्स20लैब्स इंडिया, इनऑर्बिट स्पेस टेलीकम्युनिकेशंस, मनस्तु स्पेस टेक्नोलॉजीज, एनस्पेस टेक इंडिया, ऑर्बिटएड एयरोस्पेस, पियरसाइट स्पेस, पिक्सलस्पेस इंडिया, स्काईरूट एयरोस्पेस, स्पेस किड्ज़ इंडिया और टेकमी2स्पेस टेक्नोलॉजीज शामिल हैं।

निजी कंपनियों के रॉकेट लॉन्च की तैयारी : सरकार के अनुसार, भारतीय निजी कंपनियों द्वारा अगले दो वर्षों में वाणिज्यिक रॉकेट लॉन्च की दिशा में भी गतिविधियां बढ़ रही हैं। वित्त वर्ष 2026-27 में दो वाणिज्यिक लॉन्च किए जाने की जानकारी दी गई है। वहीं, वित्त वर्ष 2027-28 के लॉन्च की सूची को अभी IN-SPACe द्वारा मंजूरी दिया जाना बाकी है, हालांकि अनुमान है कि इस अवधि में भारतीय निजी कंपनियों द्वारा 6 से अधिक लॉन्च किए जा सकते हैं।

ISRO के बुनियादी ढांचे तक निजी कंपनियों की पहुंच : निजी कंपनियों को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के बुनियादी ढांचे के इस्तेमाल और पहुंच की सुविधा भी दी जा रही है। इसमें श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के प्रक्षेपण पैड भी शामिल हैं।

इसके लिए कंपनियों द्वारा IN-SPACe के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आवेदन किया जाता है। आवेदन निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार संसाधित किए जाते हैं, जबकि लॉन्च की तैयारियों से जुड़े पहलुओं की समीक्षा IN-SPACe की विशेषज्ञ समिति द्वारा की जाती है।

अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा : अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों के प्रवेश से भारत में रॉकेट, उपग्रह, स्पेस-टेक्नोलॉजी और संबंधित सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो रहे हैं। लगभग 440 स्पेस-टेक स्टार्टअप का पंजीकरण इस क्षेत्र में बढ़ती उद्यमिता और निजी निवेश की ओर संकेत करता है।

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