Datia news : दतिया। सुबह उठकर नमाज अदा की। फिर उसके बाद दूधवाले से दूध भी लिया। बिस्किट मंगवाया, चाय पी। इस दौरान किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि कुछ देर बाद ऐसा भी होगा कि एडवोकेट जाहिदुद्दीन सिद्दीकी इस दुनिया को छोड़ जाएंगे।
भांडेर के वार्ड 12 हजारी मोहल्ला निवासी नोटरी एडवोकेट जाहिदुद्दीन सिद्दीकी पुत्र ऐनुद्दीन सिद्दीकी ने सोमवार सुबह अपने घर में नायलोन की रस्सी की मदद से जमीन से करीब साढ़े छह फीट ऊंचाई पर कैलेंडर टंगने वाली लोहे की कील से फांसी लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली।
फांसी लगाने के दौरान घर पर सभी सदस्य मौजूद थे। लेकिन उन्होंने फांसी के लिए ड्राइंग रुम को चुना। उनके इस कृत्य की सबसे पहले जानकारी उनकी पत्नी हाजरा को लगी।
उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों के सहयोग से जल्दी फंदे से उतारा। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई।
बैंक कर्मचारी को बताया मौत का जिम्मेदार : स्वजन को जो सुसाइड नोट मिला। उसमें उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार मप्र ग्रामीण बैंक शाखा भांडेर के आउटसोर्स के कर्मचारी लक्ष्मीनारायण यादव को ठहराया। उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा है कि लक्ष्मीनारायण ने दूध डेयरी के लोन में लाखों का घोटाला किया है। लक्ष्मीनारायण के कहने पर मैंने शपथपत्र किए। जो बाद में पता चला कि फर्जी हैं। मैं कभी गलत काम नहीं करता। लेकिन लक्ष्मीनारायण के विश्वास में भूल हो गई। मेरी फांसी का पूर्ण जिम्मेदार लक्ष्मीनारायण ही है।
उन्होंने यह भी लिखा कि लक्ष्मीनारायण और पूर्व मैनेजर ने मिलकर कई घोटाले किए हैं। मुझ पर भी मुकदमे का दबाव बनाया और रुपयों की मांग की। जिस पर मैंने बदनामी से बचने के लिए उसे कुछ रुपए भी दिए। लेकिन ये रुपए उसने खातों में जमा नहीं किए।
उन्होंने बैंक के पूर्व मैनेजर और लक्ष्मीनारायण पर कार्यवाही की मांग करते हुए लिखा है कि मैं एक महीने से तनाव में हूँ और आखिरी में मुझे यह कदम उठाना पड़ रहा है।
सुसाइड नोट के आखिरी में लिखा है कि 24 नवंबर 2025 को लक्ष्मीनारायण ने मुझ पर दो लाख रुपए का यह कहकर दबाव बनाया कि यदि रुपए नहीं दिए तो ये लोग पुलिस में रिपोर्ट डाल देंगे।
लेकिन रुपए लक्ष्मीनारायण और पूर्व मैनेजर ने खाए। दबाव मुझ पर बनाया। उन्होंने लक्ष्मीनारायण के फोन की कॉल डिटेल की जांच की भी मांग की है।
पार्षद सहित माधवराव सिंधिया के भी रहे करीबी : एड. जाहिदुद्दीन सिद्दीकी का राजनीतिक जीवन भी रहा। वे वार्ड 12 से दो बार खुद और एक बार उनकी पत्नी के प्रतिनिधि के रूप में पार्षद रहने के अलावा एक बार नपा के उपाध्यक्ष भी रहे। दो बार भांडेर ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे।
पूर्व सांसद माधवराव सिंधिया से उनकी घनिष्ठता के चलते कई विभागों के सलाहकार सदस्य भी मनोनीत हुए थे। वर्तमान में वे भांडेर तहसील में नोटरी एडवोकेट के रूप में सक्रिय थे।
घटना के बाद से बैंक कर्मचारी गायब : एड. जाहिदुद्दीन सिद्दीकी ने अपने सुसाइड नोट में मप्र ग्रामीण बैंक शाखा भांडेर के जिस लक्ष्मीनारायण को अपनी मौत का जिम्मेदार माना है।
वह सोमवार को बैंक आया ही नहीं। लक्ष्मीनारायण के विषय में बैंक की मैनेजर दीप्ति अग्रवाल ने बताया कि लक्ष्मीनारायण बैंक का स्थायी कर्मचारी नहीं है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में आउटसोर्स के द्वारा इसकी नियुक्ति है। दीप्ति ने यह भी बताया कि उन्होंने खुद जून 2025 में ही इस बैंक में मैनेजर की पोस्ट संभाली है। अब यह क्या मामला है, नहीं पता।


