Datia news : दतिया । शुक्रवार शाम को मौसम ने अचानक करवट ली और दतिया सहित पूरे अंचल में बारिश का दौर शुरू हो गया। कहीं तेज तो कहीं मध्यम बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया।
शहर में शाम करीब चार बजे हल्की बारिश शुरू हुई, जो कुछ देर बाद थम गई, लेकिन साढ़े छह बजे के बाद फिर झमाझम बारिश होने लगी। इस दौरान तेज हवाएं भी चलीं, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई। बारिश के चलते शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे आवागमन भी प्रभावित हुआ।
वहीं बसई क्षेत्र में हालात और ज्यादा खराब रहे। यहां आधा दर्जन गांवों में चने के आकार के ओले गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई। गुरुवार रात हुई बारिश के बाद शुक्रवार शाम को तेज आंधी और बारिश ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को आड़ी कर दिया। कई खेतों में पानी भर गया, जिससे फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
किसानों के अनुसार इस ओलावृष्टि और बारिश से करीब एक दर्जन से अधिक गांवों की फसल प्रभावित हुई है और नुकसान का अनुमान 10 से 20 प्रतिशत तक लगाया जा रहा है।
भांडेर, इंदरगढ़, सेंथरी, खैरीचाचू, सेंगुवां, थरेट, भगुवापुरा, सेवढ़ा और जौनिया जैसे इलाकों में भी तेज बारिश का असर देखने को मिला। यहां गेहूं की पकी हुई फसल बिछ गई, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। चना और सरसों की फसल भी इस मौसम की मार से नहीं बच सकी।
मौसम विभाग की पूर्व चेतावनी के अनुसार दिनभर बादल छाए रहे और शाम होते-होते तेज हवाओं के साथ बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।
बसई क्षेत्र के हसनपुर, सतलौन, रेवई और हिम्मतपुर गांवों में ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। इसके अलावा बसई, जनकपुर, नयाखेड़ा, उर्दना, मकड़ारी, मुडरा, कंधारी, ठाकुरपुरा, लखनपुर और सांकुली में भी फसलों को नुकसान की खबर है।
इस आसमानी आफत ने एक बार फिर अन्नदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी पकी फसल के बिछ जाने से किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है, जिससे उनकी मेहनत पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

