नई दिल्ली, आइएएनएस : भारतीय वायुसेना ने फ्रांस से प्राप्त अत्याधुनिक लाड़ाकू विमान राफेल को बुधवार को पूर्वी वायुकमान के 101 स्क्वाड्रन में औपचारिक रूप से शामिल कर लिया है। इसके साथ ही सात राफेल विमानों का स्क्वाड्रन बंगाल के हासीमारा एयर बेस पर पहुंच गया है। इस दौरान वायुसेना प्रमुख एसके भदौरिया स्वयं यहां मौजूद थे।
भदौरिया ने हासीमारा को रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए 101 स्क्वाड्रन को फाल्कन्स ऑफ चंब एंड अखनूर की उपाधि से नवाजा। उन्होंने कहा कि उन्हें संदेह नहीं है कि जब भी जहां भी स्क्वाड्रन की जरूरत होगी वहां यह हावी होगी
इससे पूर्व हासीमारा में मिग की तैनाती थी, जो सेवामुक्त हो चुका है। हासीमारा एयर बेस वायु सेना के लिए रणनीतिक आधार है।
यह चुंबा घाटी व डोकलाम के नजदीक है। चुंबा घाटी में भारत-भूटान व चीन के बीच त्रि-जंक्शन है, जबकि डोकलाम में 2017 में भारत-चीन में गतिरोध बन चुका है।
एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने कहा कि रणनीतिक रूप से पूर्वी क्षेत्र में वायुसेना की क्षमता को मजबूत करने के महत्व को ध्यान में रखते हुए हासीमारा में राफेल की तैनाती की गई है। वह इस क्षेत्र में चीन के खतरे को इंगित कर रहे थे।
भारत और चीन पिछले डेढ़ साल से सीमा विवाद में उलझे हैं। तनाव कम करने व मुद्दे सुलझाने के लिए राजनयिक और सैन्य स्तर पर लगातार बातचीत जारी है। इस दौरान वायु सेना प्रमुख ने 101 स्क्वाड्रन की गौरवशाली परंपरा का भी जिक्र किया ।


