Ramdev Baba news in Hindi नई दिल्ली : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बाबा रामदेव पर कार्रवाई की मांग की है। पत्र में आइएमए ने कहा है कि टीकाकरण पर रामदेव के गलत सूचनाएं देने वाले अभियान को रोका जाना चाहिए। जैसा कि एक वीडियो में उन्होंने दावा किया है कि वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बावजूद 10 हजार डाक्टर और लाखों लोग मारे गए। रामदेव ने आखिर ऐसा कैसे कह दिया। इसके लिए उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए. इस मामले में बाबा रामदेव ने अब एक और बड़ा बयान दे दिया है। उनका कहना है कि किसी का बाप भी रामदेव को गिरफ्तार नहीं करा सकता है। बता दें कि बुधवार को सोशल मीडिया पर इसी विवाद के चलते ‘अरेस्ट बाबा रामदेव’ ट्रेंड कर रहा था। जिसके जवाब में रामदेव ने यह टिप्पणी दी।
“Arrest to kisi ka baap bhi nahin kar sakta Swami Ramdev ko.”
Sach kahan aapne, Ramkrishna Yadav.
Bhai aur Baap toh Opposition ko arrest karne mein busy hai.
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) May 27, 2021

IMA ने अपनी शिकायत में कहा है कि रामदेव और उनके साथियों की मंशा गलत थी। उनका बयान देशहित के खिलाफ था। इससे गरीब जनता को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई नहीं हो सकती। इसलिए उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाना चाहिए। IMA ने रामदेव के खिलाफ ऐसी ही शिकायत छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सिविल लाइंस थाने में भी दी है। IMA के जिला अध्यक्ष डॉ. विकास अग्रवाल, सचिव डॉ. आशा जैन और डॉ. अनिल जैन की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से रामदेव देश के डॉक्टर्स और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च से अप्रूव्ड कोरोना की दवाओं के बारे में दुष्प्रचार कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा

एलोपैथी और डॉक्टर्स को लेकर रामदेव के विवादित बयानों को IMA ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी चिट्ठी लिखी है। इसमें कहा गया है कि वैक्सीनेशन को लेकर रामदेव की तरफ से किए जा रहे दुष्प्रचार को रोका जाना चाहिए। साथ ही उन पर देशद्रोह के आरोपों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। IMA के मुताबिक एक वीडियो में रामदेव ये दावा करते दिख रहे हैं कि कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बाद भी 10,000 डॉक्टर और लाखों लोग मारे गए हैं।
Lala Ramdev will run away from India once BJP is out of power. Mark my words. #ArrestBabaRamdev pic.twitter.com/pYYJdeSDsU
— Prashant Kanojia (@PJkanojia) May 23, 2021
टीकाकरण करने वालों को खतरा कम
आईएमए ने लिखा कि यह राहत की बात है कि जिन लोगों ने वैक्सीन की दोनों खुराकें ले ली हैं उनमें से सिर्फ 0.06 फीसदी में ही कोरोनावायरस के चलते बहुत हल्का संक्रमण देखने को मिला और बहुत ही कम लोगों को फेफड़ों में गंभीर संक्रमण हुआ. पत्र में आगे लिखा गया कि यह बात बखूबी साबित हो गई है कि वैक्सीन से हमारे लोगों की जान बच सकती है और देश में गंभीर संक्रमण के मामलों में कमी आ सकती है. आईएमए ने पीएम मोदी के सभी संबोधनों में टीकाकरण की उपयोगिता और कोविड के अनुकूल व्यवहार करने की सलाह देने के लिए आभार व्यक्त किया. इसके साथ ही आईएमए ने आगामी रविवार को होने वाले मन की बात कार्यक्रम में भी पीएम मोदी ने ऐसा कहने की अपील की.

रामदेव को लेकर आईएमए ने लिखा कि बेहद दुख के साथ हम ये आपके संज्ञान में लाना चाहते हैं कि एक वीडियो में दावा किया गया है कि कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बावजूद भी 10,000 डॉक्टरों की मौत हो गई और एलोपैथिक दवाओं के चलते लाखों लोगों की मौत हो गई वह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जो कि पतंजलि प्रोडक्ट्स के मालिक रामदेव का है.
योग गुरु का यू-टर्न:स्वास्थ्य मंत्री की चिट्ठी के बाद रामदेव ने एलोपैथी पर दिया बयान वापस लिया, अब बोले- इसने कई जानें बचाईं
योग गुरु रामदेव ने रविवार को एलोपैथिक मेडिसिन पर अपने हालिया बयान को वापस ले लिया है। उनके बयान का डॉक्टरों की ओर से कड़ा विरोध किया जा रहा था। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने रविवार को चिट्ठी लिखकर बाबा रामदेव से बयान वापस लेने के लिए कहा। देर शाम रामदेव ने कहा कि वे मेडिकल साइंस के सभी रूपों का सम्मान करते हैं। एलोपैथी ने कई जानें बचाई हैं।

स्वास्थ्य मंत्री के पत्र का जवाब देते हुए रामदेव ने कहा कि वह इस मामले को शांत करना चाहते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि आपका पत्र प्राप्त हुआ। उसके संदर्भ में चिकित्सा पद्धतियों के संघर्ष के इस पूरे विवाद को खेदपूर्वक विराम देते हुए मैं अपना वक्तव्य वापस लेता हूं।


