इमरती देवी के सवालों ने राजनीतिक हलकों में बढ़ा दी सरगर्मी : पंडोखर सरकार के दरबार में पूछा चुनाव हरवाने वाले का नाम

Datia News : दतिया । पंडोखर सरकार के दरबार में शुक्रवार को पूर्वमंत्री इमरती देवी द्वारा पूछे गए सवाल ने अचानक राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। उनके सभी सवालों का पंडोखर सरकार ने जबाब भी दिए। इस दौरान इमरती देवी ने अपने परिवार से संबंधित प्रश्न भी उनके समक्ष रखे। जिनका उन्होंने उपाय बताया।

अपने बयानों के कारण हमेशा चर्चा में बनी रहने वाली सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री इमरती देवी का पंडोखर सरकार के दरबार में अपनी हार से संबंधी सवाल पूछने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

दरअसल यह वीडियो ग्वालियर में इन दिनों चल रही प्रसिद्ध कथा वाचक जया किशोरी की कथा के दौरान विशेष आमंत्रण पर पहुंचे पंडोखर सरकार के दरबार का बताया जाता है। जिसमें पूर्वमंत्री इमरती देवी ने डबरा से विधायक के चुनाव में मिली हार की अपनी पीड़ा को लेकर सवाल दरबार में पूछा था। सवाल में उन्होंने पंडोखर सरकार से चुनाव हरवाने वाले का नाम भी जानने की इच्छा जताई थी।

इमरती देवी के इस सवाल पर पंडोखर सरकार ने पर्ची के माध्यम से जबाब देते हुए बताया कि वर्तमान में आप जिस पार्टी में हैं, उसी के एक नेता ने आपको चुनाव हरवाया है। इसके साथ ही पंडोखर सरकार ने कहाकि अभी नाम नहीं बताऊंगा। लेकिन आप ही की पार्टी के व्यक्ति ने चुनाव आपको हरवाया था।

पंडोखर सरकार ने यह भी कहाकि कांग्रेस पार्टी भी आपकी थी और भाजपा पार्टी भी आपकी है। दोनों ही पार्टी की जनता आप पर भरोसा करती है, इसलिए हारने के बाद भी आपका राजनीति भविष्य अच्छा रहने वाला है। जिसका उदाहरण है कि आपने हाल ही में अपने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाने में सफलता भी पाई है।

डबरा में बताऊंगा हरवाने वाले का नाम : पंडोखर सरकार आगे बोले कि चुनाव हरवाने वाले का नाम बताने में सक्षम हूं। लेकिन अभी वह नाम नहीं बताऊंगा। जब आपके डबरा में कार्यक्रम होगा तब वहां आकर नाम बताया जाएगा। गौरतलब है कि प्रदेश में आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर एक बार फिर से नेता सक्रिय हो गए हैं। जो अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर फिर से बाबाओं की शरण में पहुंचने लगे हैं।

इसी दौरान इमरती देवी ने दूसरा सवाल किया कि उनकी नातिन तीन साल की है, लेकिन अभी तक वह बोल नहीं पाती है। पंडोखर सरकार ने इस सवाल पर जबाब दिया कि नातिन को जल्दी ही जुबान आएगी। धाम पर लाएं फिर उपाय विधि बताई जाएगी। ग्वालियर में प्रसिद्ध कथा वाचक जया किशोरी की कथा चल रही थी। इसमें विशेष आमंत्रण पर पंडोखर सरकार ने अपना वहां दरबार लगाया था।

लगातार चर्चाओं में रही हैं इमरती : केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की कट्टर समर्थक माने जाने वाली इमरती देवी ने सिंधिया के साथ ही कांग्रेस छोड़ी थी। तब इमरती देवी ने डबरा विधानसभा विस से उपचुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ा था। जिसमें उन्हें हार मिली थी। चुनाव हारने के बाद पूर्वमंत्री इमरती देवी ने स्वयं भी भाजपा के बड़े नेताओं पर चुनाव हरवाने का ठीकरा फोड़ा था। सार्वजनिक मंच से भी पूर्वमंत्री कई बार इस मुद्दे को लेकर भाजपा नेताओं को घेरती रही हैं।

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