बहू की हत्या करने वाले ससुरालीजन पहुंचे सलाखों के पीछे : आजीवन कारावास की मिली सजा

Datia news : दतिया। ससुरालीजन द्वारा अपनी बहू को जलाकर हत्या कर देने के मामले में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया गया है। मरने से पूर्व बहू से अपने ससुरालीजन के विरुद्ध बयान भी दिया था। इस संबंध में अपर सत्र न्यायाधीश उत्सव चतुर्वेदी द्वारा आरोपित निहाल सिंह पुत्र शिरोमन सिंह गुर्जर, उनकी पत्नी राजादुलैया, बहू पिंकी गुर्जर, बेटे कृपाल सिंह एवं रामकुमार गुर्जर निवासीगण ग्राम खिरिया काडौर थाना पण्डोखर को अपनी बहू महेश देवी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास एवं एक-एक हजार रुपये के जुर्माने से दण्डित किया गया है।

अपर लोक अभियोजक मुकेश गुप्ता ने बताया कि गत 11 मार्च 2015 की शाम मृतका महेश देवी अपनी ससुराल ग्राम खिरिया काडौर में घर पर थी। तभी सभी आरोपितों ने एकराय होकर महेश देवी के ऊपर केरोसिन डालकर आग लगा दी। जिससे उसका शरीर जल गया। इलाज के लिए महिला को मेडीकल कालेज झांसी लाया गया।

जहां पर महेश देवी का 10-12 दिन अस्पताल में रहकर इलाज चला। इलाज के दौरान अस्पताल मे कार्यपालक मजिस्ट्रेट झांसी राजेंद्र बहादुर द्वारा महिला के मृत्यु पूर्व कथन लिए गए। कार्यपालक मजिस्ट्रेट को मृतका महेश देवी ने अपने कथनों में बताया था कि आरोपित निहाल गुर्जर, राजादुलैया गुर्जर, पिंकी गुर्जर, कृपाल सिंह गुर्जर द्वारा उसके ऊपर मिटटी का तेल डालकर आग लगाई थी। जिससे वह जल गई।

मृत्यु पूर्व कथन लिए जाने के समय एवं पश्चात डा.आनंद शर्मा द्वारा मृतका महेश देवी के संबंध में इस आशय की टीप अंकित की गई। जिसमें महेश देवी बयान देने की स्थिति में है और उक्त मृत्यु कालीन कथनों के आधार पर थाना पंडोखर में मर्ग कायम किया गया। मर्ग जांच के दौरान यह पाया गया कि मृतका की पांचों लोगो ने एकराय होकर हत्या की गई।

पुलिस द्वारा उपरोक्त आरोपितों को गिरफ्तार कर अनुसंधान पूरा करने के बाद न्यायालय में अभियुक्त पत्र प्रस्तुत किया गया। मृतका के स्वजन द्वारा घटना का पूर्णरूप से समर्थन नहीं किया।

मृतका के मृत्यु पूर्व कथन के आधार पर अपराध प्रमाणित हो सका। जिसके बाद आरोपितों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। आरोपितों को सजा भुगतने के लिये जेल भेज दिया गया है।

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