शासकीय सेवा की अपेक्षा संस्कृति व पर्यटन में बढ़ाएं भागीदारी : कलेक्टर ने कार्यशाला में युवाओं को दी सोच विकसित करने की समझाइश

Datia News : दतिया। युवाओं में चिंतन की क्षमता को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। युवाओं की नीति निर्धारण के साथ-साथ सामुदायिक भागीदारी भी हो। जिससे युवा सामाजिक कुरुतियों का भी उन्मूलन कर सके। यह बात कलेक्टर संजय कुमार ने मप्र राज्य युवा नीति के संबंध में सोमवार को न्यू कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में युवाओं की एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान कही।

कार्यशाला में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश भार्गव, जिला खेल अधिकारी अरविंद सिंह राणा, आरती पाठक, आरुषी साहू सहित सभी वर्गो के युवा शामिल हुए। इस दौरान मप्र युवा राज्य नीति बनाए जाने के लिए युवाओं ने भी खुलकर अपने विचार एवं सुझाव रखे।

कलेक्टर ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहाकि युवाओं को शासकीय सेवा की अपेक्षा समय का सदुपयोग करते हुए रोजगार, संस्कृति, पर्यटन आदि क्षेत्रों में भी अपनी भागीदारी बढ़ाने से विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

उन्होंने युवाओं से कहाकि संकीर्ण मानसिकता को त्याग कर विस्तृत रूप से सोचें। हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि सामाजिक दायित्व के साथ-साथ समाज को भी हम कुछ दें।

कलेक्टर ने कहाकि युवावर्ग किसी देश की रीढ़ होता है। इस वर्ग से देश के चहुंमुखी विकास की काफी उम्मीद रहती हैं। ऐसे में इस वर्ग पर बड़ा दायित्व रहता है। युवाओं को अब तकनीकी कौशल में दक्ष होकर देश की विकास धारा में अहम योगदान देना चाहिए। इसके लिए शासन स्तर पर भी कई योजनाएं हैं, जिनका लाभ लेकर युवा आगे बढ़ें।

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