कोयला मंत्रालय मुम्बई में आयोजन करेगा निवेशक सम्मेलन, वाणिज्यिक खान नीलामी में भागीदारी बढ़ाने का उद्देश्य

मुंबई  : पहली पांच श्रृंखलाओं में 64 कोयला खानों की सफल नीलामी के बाद, कोयला मंत्रालय ने वाणिज्यिक नीलामी के छठवें दौर के तहत 133 कोयला खानों की नीलामी के लिये प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इनमें 71 कोयला खानें नई थीं और 62 कोयला खानों को नवंबर, 2022 में आयोजित वाणिज्यिक नीलामी के तहत पहले वाली श्रृंखला से लाया गया है। इसके अलावा, वाणिज्यिक नीलामी के पांचवें दौर के दूसरे प्रयास के तहत आठ कोयला खानों की भी शुरूआत की गई, जिसमें पहले प्रयास के दौरान एकल बोलियां लगाई गई थीं।

वाणिज्यिक नीलामियों के तहत, कोई तकनीकी या वित्तीय पात्रता नहीं होती। लिहाजा, ऐसे भी बोली लगाने वाले आते हैं, जो पहले कोयला खानों में नहीं थे। वे बोली में सफल हुये और उन्हें कोयला खानें हासिल हो गईं। कोयला खानों की वाणिज्यिक नीलामी में बोली लगाने के लिये भागीदारी बढ़ाने के सम्बंध में कोयला मंत्रालय मुम्बई में एक दिसंबर, 2022 को निवेशक सम्मेलन का आयोजन कर रहा है।

कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री  प्रह्लाद जोशी सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री  एकनाथ शिंदे मुख्य अतिथि होंगे। समारोह में महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस विशिष्ट अतिथि और कोयला, खान व रेलवे राज्यमंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे तथा महाराष्ट्र के खान मंत्री  दादाजी भुसे सम्मानित अतिथि होंगे। सम्मेलन में कोयला मंत्रालय के सचिव अमृत लाल मीणा और खान मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज भी हिस्सा लेंगे।

विस्तृत चर्चा के बाद खानों की सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है। संरक्षित क्षेत्रों, वन्यजीव अभयारण्य, संवेदनशील प्राकृतिक वासों, 40 प्रतिशत से अधिक के वन-क्षेत्र, भारी निर्मित क्षेत्र आदि को सूची से अलग रखा गया है। जिन खानों की ब्लॉक सीमाओं में गहन आबादी है, उच्च हरित आवरण हो या महत्त्वपूर्ण अवसंरचना आदि हो, उनके बारे में हितधारकों के आपसी परामर्श के दौरान जो टिप्पणियां मिली हैं, उनके आधार पर उपरोक्त मामले पर गौर किया गया है, ताकि इन कोयला ब्लॉकों में बोली कर्ताओं की रुचि बढ़ सके।

नीलामी प्रक्रिया की मुख्य विशेषताओं में अग्रिम रकम व बोली लगाने की जमानत की रकम में कटौती, आंशिक रूप से खोजी गई कोयला खान के मामले में उस खान के हिस्से को छोड़ने का अधिकार, राष्ट्रीय कोयला सूचकांक और राष्ट्रीय लिग्नाइट सूचकांक को लागू करना, बाधा रहित प्रविष्टि के साथ सुगम भागीदारी, कोयले के इस्तेमाल में पूरा लचीलापन, भुगतान व्यवस्था को चाक-चौबंद करना, जल्द उत्पादन के लिये प्रेरणा के जरिये दक्षता प्रोत्साहन तथा स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल शामिल हैं।

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