भारत-आसियान द्विपक्षीय व्यापार ₹10.7 लाख करोड़ के पार : मनीला में 23वीं आर्थिक मंत्री बैठक में शामिल हुआ भारत, व्यापार घाटा पाटने और AITIGA समीक्षा पर जोर

मनीला/नई दिल्ली। भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) के बीच आर्थिक रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं। फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के आर्थिक मंत्रियों की बैठक (EAS-EMM) और 23वें आसियान-भारत आर्थिक मंत्री परामर्श में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सहभागिता की। वाणिज्य विभाग के अपर सचिव नितिन कुमार यादव के नेतृत्व में पहुंचे दल ने क्षेत्रीय आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने और व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए मुक्त व्यापार समझौते की व्यापक समीक्षा पर बल दिया।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत और आसियान के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 128.38 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। वर्तमान में भारत के कुल वैश्विक व्यापार में अकेले आसियान देशों की हिस्सेदारी 10.55 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो दोनों क्षेत्रों के बीच प्रगाढ़ वाणिज्यिक साझेदारी को दर्शाती है।

AITIGA समीक्षा: व्यापार असंतुलन खत्म करने पर भारत का फोकस : आसियान-भारत आर्थिक मंत्री परामर्श के दौरान भारत ने अपनी चिंताओं और प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया:

  • पारस्परिक लाभकारी समझौता: भारत ने जोर देकर कहा कि ‘आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता’ (AITIGA) दोनों पक्षों के लिए समान रूप से लाभकारी होना चाहिए।

  • व्यापार घाटे पर लगाम: समझौते की चल रही समीक्षा का मुख्य उद्देश्य मौजूदा व्यापार असंतुलन को दूर करना, नियमों को सरल बनाना और भारतीय उद्योगों व निर्यातकों के लिए सुगम बाजार पहुंच सुनिश्चित करना है। इसे उद्योगों और व्यवसायों के लिए अधिक प्रभावी, यूजर-फ्रेंडली और पारदर्शी बनाने पर सहमति बनी।

ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक क्लस्टर्स का एकीकृत मॉडल : 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में आसियान के सभी 11 सदस्य देशों (ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते, वियतनाम) के साथ भारत, अमेरिका, चीन, जापान, रूस, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने हिस्सा लिया:

  • ERIA का शोध पत्र: आसियान और पूर्वी एशिया के लिए आर्थिक अनुसंधान संस्थान (ERIA) ने “पावरिंग द ईएएस रीजनस नेक्स्ट वेव ऑफ ग्रोथ” शीर्षक से विशेष शोध पत्र प्रस्तुत किया।

  • भविष्य का रोडमैप: इसमें ऊर्जा बुनियादी ढांचे, डिजिटल प्रौद्योगिकी, औद्योगिक मांग और सुसंगत निवेश नीतियों को जोड़कर एक एकीकृत ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक क्लस्टर मॉडल विकसित करने की रूपरेखा पेश की गई। आसियान सचिवालय ने वर्ष 2027 के लिए वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण और निवेश प्रवाह पर अपना आकलन साझा किया।

भारतीय प्रवासियों व कारोबारियों से सीधा संवाद : सम्मेलन से इतर भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कूटनीतिक और व्यावसायिक मंचों पर भी सक्रियता दिखाई:

व्यापारिक अड़चनों पर मंथन: 22 सितंबर को प्रतिनिधिमंडल ने मनीला में कार्यरत भारतीय उद्योगपतियों और व्यवसायियों से बैठक कर फिलीपींस व आसियान देशों में वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों पर चर्चा की।

आसियान-भारत बिजनेस फोरम: 23 सितंबर को आयोजित आसियान-भारत व्यावसायिक मंच 2026 में भाग लेकर भारतीय दल ने विनिर्माण, आईटी और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में क्रॉस-बॉर्डर निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया।

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