ONORC: पूरे भारत में राशन कार्ड ‘पोर्टेबिलिटी’ लागू, कार्यक्रम से जुड़ने वाला असम अंतिम राज्य बना

गुवाहाटी : असम एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (ओएनओआरसी) को लागू करने वाला देश का 36वां राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। इसके साथ, ओएनओआरसी योजना को सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिससे पूरे देश में खाद्य सुरक्षा क्रियान्वित हो गई है।

कोविड-19 महामारी के पिछले दो वर्षों के दौरान ओएनओआरसी योजना ने एनएफएसए (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम) के लाभार्थियों, विशेष रूप से प्रवासी लाभार्थियों को रियायती खाद्यान्न सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह देश में अपनी तरह की एक विशेष नागरिक केंद्रित पहल है, जिसे अगस्त 2019 में शुरू किए जाने के बाद से लगभग 80 करोड़ लाभार्थियों को कवर करते हुए बहुत कम समय में तेजी से लागू किया गया है।

इस लाभार्थी केंद्रित उच्च प्रभावी योजना का उद्देश्य सभी एनएफएसए लाभार्थियों को देश में कहीं पर भी अपनी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आत्मनिर्भर बनने के उद्देश्य से सशक्त बनाना है, जिससे वे अपने मौजूदा राशन कार्डों की पोर्टेबिलिटी के माध्यम से अपनी पसंद की किसी भी उचित मूल्य की दुकान से अपने अधिकार के सब्सिडी वाले खाद्यान्न (आंशिक या पूर्ण) को निर्बाध रूप से उठा सकते हैं।

यह लाभार्थियों के परिवार और सदस्यों को उनकी पसंद के एफपीएस से अपने मूल स्थान या किसी और जगह पर भी उसी राशन कार्ड पर शेष/आवश्यक मात्रा में खाद्यान्न उठाने में सक्षम बनाता है। अगस्त 2019 में इस योजना की शुरुआत होने के बाद से लगभग 71 करोड़ पोर्टेबल लेनदेन (43.6 करोड़ एनएफएसए और 27.8 करोड़ पीएम-जीकेएवाई लेनदेन) ओएनओआरसी के तहत हुए हैं, जिससे पोर्टेबिलिटी के माध्यम से खाद्य सब्सिडी में लगभग 40,000 करोड़ रुपये के मूल्य का खाद्यान्न वितरित किया गया है।

कोविड-19 अवधि के दौरान (अप्रैल 2020 से लेकर अब तक) लगभग 64 करोड़ पोर्टेबल लेनदेन दर्ज किए गए हैं, जिसमें पोर्टेबिलिटी के माध्यम से खाद्य सब्सिडी में लगभग 36,000 करोड़ रुपये मूल्य के बराबर खाद्यान्न वितरित किया गया है। इन 64 करोड़ पोर्टेबल लेनदेन में से 27.8 करोड़ पोर्टेबिलिटी लेनदेन पीएमजीकेएवाई (प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना) के तहत किए गए थे, जिसे मार्च 2020 में एनएफएसए लाभार्थियों को अतिरिक्त मुफ्त खाद्यान्न (चावल/गेहूं) के वितरण के लिए किया गया था ताकि कोविड से उत्पन्न कठिनाइयों को कम किया जा सके।

इसके अतिरिक्त, एक प्रमुख संकेतक के रूप में वर्तमान में लगभग 3 करोड़ पोर्टेबल लेनदेन का मासिक औसत दर्ज किया जा रहा है, जिससे लाभार्थियों को कहीं भी लचीलेपन के साथ सब्सिडी वाला एनएफएसए और मुफ्त पीएमजीकेएवाई खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है। ओएनओआरसी योजना के तहत एक अन्य पहलू ‘मेरा राशन’ मोबाइल एप्लिकेशन है,

जिसे ओएनओआरसी योजना का अधिकतम लाभ उठाने के लिए शुरू किया गया है। मोबाइल ऐप लाभार्थियों को उपयोगी वास्तविक समय की जानकारी प्रदान कर रहा है और 13 भाषाओं में उपलब्ध है। अब तक इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से 20लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है।

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