नई दिल्ली: विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि अफगानिस्तान में अशांति है. पड़ोसी देश से पैदा होने वाली किसी भी विकट परिस्थिति से निपटने के लिए भारत को तैयार रहना होगा. वहां मानवीय संकट और प्रशासन की कमी के कारण स्थिति और खराब हो सकती है. एक मीडिया घराने की ओर से आयोजित कार्यक्रम के एक सेशन में श्रृंगला ने कहा कि कई अन्य देशों की तरह भारत भी अफगानिस्तान के लोगों को मानवीय सहायता देना चाहता है.
विदेश सचिव ने कहा, ‘जहां तक मानवीय सहायता की बात है तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के कई अन्य सदस्यों की तरह हमने भी कहा है कि अफगानिस्तान के लोगों की जरूरतें और वहां सत्ता में बैठे लोग, दोनों अलग-अलग बातें हैं.’
विदेश सचिव ने कहा, हम उन ताकतों पर भी नजर रखे हुए हैं जो अफगानिस्तान के हालात को अपने हित में अन्य देशों के खिलाफ इस्तेमाल करना चाहते हैं। इस सिलसिले में श्रृंगला का इशारा पाकिस्तान की ओर था जो तालिबान के जरिये अपने हित साधने की कोशिश कर रहा है। अपनी चर्चा में उन्होंने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के प्रमुख की काबुल यात्रा का भी जिक्र किया।
कहा कि आइएसआइ प्रमुख ने हालात को पाकिस्तान के हित में मोड़ने के लिए दौरा किया था। उनके दौरे के बाद ही अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार का गठन हुआ। उसमें शामिल 35 मंत्रियों में ज्यादातर संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी हैं।


