नई दिल्ली/हेग : भारत और नीदरलैंड्स ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देते हुए अगले पांच वर्षों के लिए व्यापक रणनीतिक साझेदारी की रूपरेखा पर सहमति जताई है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई बैठक में व्यापार, रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, ऊर्जा, शिक्षा, तकनीक और सुरक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने वर्ष 2026 से 2030 तक के लिए साझेदारी का रोडमैप तैयार किया, जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, तकनीकी नवाचार और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में साझा भूमिका को मजबूत करना है।
रणनीतिक समझौते के तहत द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, हरित ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स और आधुनिक कृषि तकनीकों में सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही दोनों देशों के उद्योगों, शोध संस्थानों और स्टार्टअप्स के बीच साझेदारी को बढ़ावा देने की योजना है।
जल प्रबंधन को भी सहयोग का महत्वपूर्ण क्षेत्र माना गया है। बाढ़ नियंत्रण, नदी प्रबंधन, वर्षा जल संरक्षण और शहरी जल संसाधन विकास जैसे विषयों पर दोनों देश मिलकर कार्य करेंगे। कृषि क्षेत्र में जलवायु अनुकूल खेती, खाद्य सुरक्षा और नई तकनीकों के आदान-प्रदान पर विशेष ध्यान रहेगा।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। इसमें सैन्य संवाद, नौसैनिक अभ्यास, रक्षा उद्योगों के बीच तालमेल और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समन्वय शामिल रहेगा।
इसके अलावा, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग, उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और छात्रों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। उच्च कौशल वाले पेशेवरों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए आवागमन को आसान बनाने पर भी जोर दिया गया।

