भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक दशक के भीतर जबरदस्त प्रगति दर्ज करते हुए नई ऊंचाइयों को छू लिया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि देश का रक्षा उत्पादन अब बढ़कर 1.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले दस वर्षों में करीब 174% की वृद्धि दर्शाता है। वहीं, रक्षा निर्यात में भी ऐतिहासिक उछाल आया है और यह 23,622 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो एक दशक में लगभग 34 गुना वृद्धि है।
⚙️ नॉर्थ टेक सिम्पोजियम में दिखा नया रक्षा विजन : नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 के दौरान मंत्री ने कहा कि भारत अब पारंपरिक सैन्य शक्ति से आगे बढ़कर तकनीक-आधारित रक्षा प्रणाली की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आधुनिक युद्ध अब केवल हथियारों से नहीं, बल्कि डेटा, ऑटोमेशन और एडवांस टेक्नोलॉजी से संचालित हो रहा है।
इस आयोजन में 280 से अधिक कंपनियों और स्टार्टअप्स ने भाग लेकर AI, ड्रोन, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया।
📊 बजट और निजी क्षेत्र का बढ़ता योगदान : सरकार ने रक्षा क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए 2026-27 के बजट में ₹6,81,000 करोड़ का प्रावधान किया है, जो पिछले साल से 9.5% अधिक है।
खास बात यह रही कि कुल रक्षा निर्यात में से लगभग ₹15,000 करोड़ का योगदान निजी क्षेत्र से आया है, जो इस सेक्टर में बढ़ती भागीदारी और भरोसे को दिखाता है।
🔬 नई तकनीकों से मजबूत हो रही सुरक्षा : डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि भारत अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को रक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा बना रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि क्वांटम-सुरक्षित संचार तकनीक में भारत ने तेजी से प्रगति की है, जो भविष्य के युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
🇮🇳 आत्मनिर्भर भारत की ओर मजबूत कदम : सरकार की नीतियों और इंडस्ट्री के सहयोग से भारत अब आयातक से निर्यातक बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि सशस्त्र बलों, वैज्ञानिकों और उद्योग के बीच तालमेल ही देश को एक मजबूत और आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति बनाएगा।

