नई दिल्ली : भारत के समुद्री खाद्य निर्यात क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2025-26 में नया रिकॉर्ड कायम करते हुए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। Marine Products Export Development Authority (MPEDA) के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार देश का कुल समुद्री खाद्य निर्यात ₹72,000 करोड़ से अधिक के स्तर पर पहुंच गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। निर्यात की कुल मात्रा भी बढ़कर करीब 19 लाख मीट्रिक टन से अधिक दर्ज की गई है।
झींगा निर्यात ने दिखाई सबसे ज्यादा ताकत : इस उपलब्धि में फ्रोजन झींगा (श्रिम्प) का योगदान सबसे अहम रहा है। कुल निर्यात में इसका हिस्सा दो-तिहाई से भी अधिक रहा, जिससे स्पष्ट है कि वैश्विक बाजार में भारतीय झींगे की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। झींगा निर्यात में मात्रा और मूल्य दोनों स्तरों पर वृद्धि दर्ज की गई, जिसने पूरे सेक्टर को गति देने का काम किया।
अमेरिका बना प्रमुख बाजार, लेकिन दिखी गिरावट : भारत के समुद्री उत्पादों के लिए अमेरिका अब भी सबसे बड़ा निर्यात बाजार बना हुआ है। हालांकि, इस वर्ष अमेरिका को भेजे जाने वाले निर्यात में मात्रा और मूल्य दोनों में गिरावट देखी गई। इसके पीछे व्यापारिक शुल्क और वैश्विक परिस्थितियों को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
नए बाजारों में जबरदस्त विस्तार : अमेरिकी बाजार में आई कमी की भरपाई भारत ने अन्य देशों में तेजी से बढ़ते निर्यात के जरिए की है। खासकर चीन, यूरोपीय देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय समुद्री उत्पादों की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में दो अंकों की वृद्धि ने यह संकेत दिया है कि भारत अब अपने निर्यात बाजार को विविध बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
विविध उत्पादों ने भी दी मजबूती : फ्रोजन मछली, स्क्विड, कटलफिश, सूखे समुद्री उत्पाद और अन्य श्रेणियों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। वहीं कुछ उत्पादों में हल्की गिरावट के बावजूद कुल निर्यात प्रदर्शन मजबूत बना रहा। इससे साफ है कि भारत केवल एक उत्पाद पर निर्भर न रहकर बहुआयामी निर्यात रणनीति अपना रहा है।
बंदरगाहों की अहम भूमिका : देश के प्रमुख बंदरगाहों—विशाखापट्टनम, जेएनपीटी, कोच्चि, कोलकाता और चेन्नई—ने कुल निर्यात में बड़ी हिस्सेदारी निभाई। इन पोर्ट्स के जरिए देश के समुद्री उत्पादों की सप्लाई चेन को मजबूती मिली और निर्यात प्रक्रिया को गति मिली।
आर्थिक मजबूती की दिशा में बड़ा संकेत : समुद्री खाद्य निर्यात में यह रिकॉर्ड वृद्धि न केवल व्यापारिक सफलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि भारत वैश्विक खाद्य बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना रहा है। बदलते अंतरराष्ट्रीय माहौल के बीच नए बाजारों में विस्तार और उत्पाद विविधता भारत को इस क्षेत्र में और आगे ले जाने की क्षमता रखती है।

