नई दिल्ली | भारत सरकार ने आतंकवादी गतिविधियों की रोकथाम और उनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए देश की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति एवं रणनीति ‘प्रहार’ शुरू की है। गृह मंत्रालय ने 23 फरवरी 2026 को इस रणनीति की शुरुआत की। इसका उद्देश्य देश में आतंकवाद से मुकाबले के लिए एक व्यापक और समन्वित राष्ट्रीय ढांचा तैयार करना है।
‘प्रहार’ रणनीति ‘संपूर्ण सरकार’ और ‘संपूर्ण समाज’ के समन्वित दृष्टिकोण पर आधारित है। इसके तहत आतंकवादी हमलों की रोकथाम से लेकर खुफिया जानकारी साझा करने, त्वरित प्रतिक्रिया, आतंकवाद के वित्तपोषण पर रोक और कट्टरपंथ से निपटने तक विभिन्न पहलुओं को एक साथ जोड़ा गया है।
सात प्रमुख स्तंभों पर आधारित है ‘प्रहार’
‘प्रहार’ रणनीति को सात प्रमुख स्तंभों के आधार पर तैयार किया गया है—
1. नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए आतंकी हमलों की रोकथाम।
2. खतरे के अनुरूप शीघ्र और प्रभावी प्रतिक्रिया देना।
3. सरकार के विभिन्न अंगों की आंतरिक क्षमताओं का एकीकरण।
4. मानवाधिकार और कानून के शासन पर आधारित आतंकवाद-विरोधी कार्रवाई।
5. आतंकवाद और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियों को कम करना।
6. आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को मजबूत और समन्वित करना।
7. समाज के समग्र दृष्टिकोण के माध्यम से सुदृढ़शीलता विकसित करना।
प्रतिक्रियात्मक से सक्रिय सुरक्षा नीति की ओर बढ़ेगा भारत : ‘प्रहार’ खुफिया जानकारी पर केंद्रित एक सक्रिय आतंकवाद-विरोधी ढांचा तैयार करता है। इसके तहत बहु-एजेंसी केंद्र (MAC) के माध्यम से तत्काल खुफिया जानकारी साझा करने को औपचारिक रूप दिया गया है।
रणनीति में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, राज्य एजेंसियों और पुलिस तथा राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) जैसे विशेष केंद्रीय बलों के बीच तेज और समन्वित कमान श्रृंखला पर भी जोर दिया गया है। इसके साथ अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और कानून के शासन एवं मानवाधिकारों के पालन को भी रणनीति का हिस्सा बनाया गया है।
आतंकवाद के वित्तपोषण पर भी होगी कार्रवाई : ‘प्रहार’ के तहत आतंकवाद के लिए धन जुटाने वाले नेटवर्क पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें क्रिप्टो वॉलेट की पहचान, डार्क वेब के माध्यम से होने वाली क्राउडसोर्सिंग को रोकना और केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से आतंकवाद से जुड़ी संपत्तियों को जब्त करने जैसे कदम शामिल हैं।
सरकार के अनुसार यह प्रयास वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) के मानकों के अनुरूप हैं। साथ ही सीमा पार से संचालित राज्य-प्रायोजित आतंकवादी वित्तपोषण नेटवर्क को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय संधियों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है।

